मिशन शक्ति का अनूठा रंग: कभी गांव न छोड़ने वाली महिलाओं को पुलिस ने कराया श्री काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन

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वाराणसी/चंदौली। उत्तर प्रदेश पुलिस का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसने चंदौली जिले के पंडी गांव की बुजुर्ग महिलाओं के बरसों पुराने सपने को हकीकत में बदल दिया। वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण द्वारा शुरू की गई एक अनूठी पहल के तहत, सुदूर और विकास की मुख्यधारा से कटे इस गांव के 30 बुजुर्ग महिलाओं और 10 पुरुषों ने पहली बार काशी की पावन धरती पर कदम रखा और बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।

​डीआईजी की संवेदनशीलता से शुरू हुआ सफर

इस भावनात्मक यात्रा की नींव 15 जून को पड़ी, जब डीआईजी वैभव कृष्ण अपने आधिकारिक दौरे पर चंदौली के पंडी गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों से संवाद के दौरान जब उन्होंने बुजुर्ग महिलाओं से उनके जीवन के अनुभवों के बारे में पूछा, तो उन्हें पता चला कि ये महिलाएं आज तक अपने गांव की सीमा से बाहर नहीं निकली हैं और काशी (बनारस) देखने की उनकी इच्छा कभी पूरी नहीं हो सकी। महिलाओं की इस सादगी और उनके दबे हुए अरमानों को देखकर डीआईजी भावुक हो गए। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को इन बुजुर्गों की काशी यात्रा का प्रबंध करने के निर्देश दिए।

काशी यात्रा: एक यादगार अनुभव

डीआईजी के निर्देशों का पालन करते हुए 29 जून को पुलिस की एक विशेष बस पंडी गांव पहुंची। पुलिस प्रशासन ने पूरी व्यवस्था अपने कंधों पर ली और इन 40 बुजुर्गों को वाराणसी लेकर आई। यहाँ पहुंचने पर सभी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम और संकट मोचन मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन-पूजन किए। यात्रा के दौरान भोजन, विश्राम और अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं का पूरा ख्याल पुलिस प्रशासन द्वारा रखा गया।

​’मिशन शक्ति’ के तहत सामाजिक जुड़ाव

यह अनूठी पहल ‘मिशन शक्ति’ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि समाज के दूरस्थ और वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सामाजिक व सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करना भी है। पहली बार काशी दर्शन का सौभाग्य पाकर लौट रही इन बुजुर्ग महिलाओं के चेहरों की मुस्कान इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने पुलिस की इस संवेदनशील पहल की जमकर सराहना की है।

Dr. Bhanu Pratap Singh