आगरा में गूंजी किसानों की आवाज: मूंग-उड़द खरीद के लिए अब ब्लॉक स्तर पर बनेंगे केंद्र, शासन से मिली मंजूरी

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​आगरा। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रहे संघर्ष और मांग के बाद शासन ने मूंग और उड़द की सरकारी खरीद के लिए ब्लॉक स्तर पर केंद्र खोलने का निर्णय ले लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद किसानों में खुशी का माहौल है। आगरा में 19 जून को आयोजित किसान दिवस के दौरान प्रभारी मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह के समक्ष यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए शासन ने सभी जिलाधिकारियों को औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

​प्रभारी मंत्री के हस्तक्षेप से मिली सफलता

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने जानकारी दी कि 19 जून को जिले के छह ब्लॉकों में खरीद केंद्र खोलने की मांग को लेकर प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया था। किसानों का तर्क था कि मंडियों में उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री के आश्वासन और सक्रियता के बाद, विशेष सचिव संजीव रंजन ने 25 जून 2026 को पूरे प्रदेश के लिए शासनादेश जारी कर मूंग और उड़द खरीद की प्रक्रिया को ब्लॉक स्तर पर मंजूरी दे दी है।

​खरीद की समय-सीमा और लक्ष्य

शासनादेश के अनुसार, प्रदेश भर में मूंग और उड़द की सरकारी खरीद 25 जून से शुरू होकर 22 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इस अवधि में सरकार ने कुल 48,298 मीट्रिक टन मूंग और 97,970 मीट्रिक टन उड़द की खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

MSP और बाजार भाव का भारी अंतर

प्रगतिशील किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने बताया कि मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि मंडियों में किसानों को 7,000 से 7,500 रुपये तक ही दाम मिल रहे थे। प्रति क्विंटल 1,200 से 1,800 रुपये तक का यह सीधा नुकसान किसानों की कमर तोड़ रहा था। अब खरीद केंद्र शुरू होने से किसानों को अपनी उपज का वाजिब दाम मिल सकेगा।

​फर्जी खरीद पर कड़ी निगरानी की मांग

उधर, ताज सिटी आलू उत्पादक समिति के प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण बघेल ने प्रशासन को आगाह करते हुए खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि कुछ व्यापारी बिचौलियों के जरिए फर्जी पंजीकरण कराकर सरकारी खरीद का अनुचित लाभ उठा सकते हैं।

किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि खरीद केंद्रों पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि इसका लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पर सख्त कार्रवाई हो।

किसान नेताओं ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब खरीद केंद्रों का संचालन अविलंब शुरू हो जाएगा, जिससे किसानों को इस सीजन में हो रहे बड़े आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।

Dr. Bhanu Pratap Singh