आगरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में डॉ. हेडगेवार महा नाट्य आयोजन समिति एवं भारत विकास परिषद संकल्प, आगरा ब्रज प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में सूरसदन प्रेक्षागृह में रविवार को भव्य महानाट्य “युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार : संघ सृजन का भाव नाट्य आविष्कार” का सफल मंचन किया गया। लगभग 50 कलाकारों की विशाल टीम द्वारा प्रस्तुत इस ऐतिहासिक महानाट्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन, राष्ट्रचिंतन, संघर्ष, त्याग और संगठन निर्माण की प्रेरणादायी गाथा को मंच पर सजीव कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ हुआ। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ब्रज प्रांत के प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र जी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने केवल एक संगठन की स्थापना नहीं की, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का ऐसा आंदोलन खड़ा किया जिसने समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण है और आज संघ के लाखों स्वयंसेवक इसी भावना के साथ समाज सेवा में जुटे हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटक कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या, कुलपति प्रो आशु रानी, अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख अजीत महापात्र और वरिष्ठ समाजसेवी किशोर खन्ना ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, संगठन क्षमता और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है। उनकी दूरदृष्टि और त्याग के कारण आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन सका है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पादुका एवं चर्म उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि ऐसे महानाट्य नई पीढ़ी को अपने राष्ट्रनायकों के जीवन से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने आयोजकों को इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रयास के लिए बधाई दी।
महानाट्य में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के बाल्यकाल से लेकर युवावस्था तक के विभिन्न प्रसंगों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने देखा कि किस प्रकार बालक केशव के मन में बचपन से ही राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल थी। अंग्रेजी शासन के विरुद्ध उनका संघर्ष, क्रांतिकारी गतिविधियों में सहभागिता, चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी राष्ट्रसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाना तथा समाज को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का निर्णय दर्शकों को भावविभोर कर गया।
नाटक में वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के ऐतिहासिक प्रसंग को अत्यंत जीवंतता के साथ प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र की शक्ति को संगठित करने, समाज में अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने के उद्देश्य से संघ की स्थापना की थी। महानाट्य में संघ की प्रारंभिक शाखाओं, स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण, सेवा कार्यों तथा संगठन के विस्तार की यात्रा को भी प्रभावशाली रूप से दर्शाया गया।
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध रंगकर्मी सतीश खेकाले ने डॉ. हेडगेवार की भूमिका में अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने डॉ. हेडगेवार के युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और अंतिम समय तक के जीवन को इतनी जीवंतता से प्रस्तुत किया कि दर्शक स्वयं को उस कालखंड का हिस्सा महसूस करने लगे। कलाकारों के प्रभावशाली संवाद, भावपूर्ण अभिनय, भव्य मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और संगीत ने महानाट्य को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
लगभग दो घंटे दस मिनट तक चले इस महानाट्य के दौरान पूरा प्रेक्षागृह राष्ट्रभक्ति और प्रेरणा के वातावरण से ओत-प्रोत रहा। कई प्रसंगों पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अंतिम दृश्य में संघ स्थापना और राष्ट्र जागरण के संदेश ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह ने आगंतुकों का स्वागत किया। कार्यक्रम समन्वयक एवं भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय सहसंयोजक डॉ. तरुण शर्मा ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में यह महानाट्य समाज को संघ की प्रेरणादायी यात्रा और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल ने किया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर विधायक पुरषोत्तम खंडेलवाल, डॉ जीएस धर्मेश, डॉ धर्मपाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, आयोजन समिति से डॉ रंजना बंसल, डॉ सुशील गुप्ता, संतोष शर्मा, सुरेश चंद्र गर्ग, वीरेंद्र सिंघल, मुकेश गुप्ता, सिद्धार्थ बंसल, भोला प्रसाद, राकेश अग्रवाल, मोहित गोयल, विनय सिंघल, प्रमोद अग्रवाल, मनोज बंसल, अंत्योदय न्यास, शिवांग खंडेलवाल, प्रांतीय संरक्षक डॉ. कैलाश चंद सारस्वत, प्रांतीय संयोजक सेवा टीटू गोयल, भारत विकास परिषद संकल्प शाखा के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, संयोजक प्रशांत शर्मा, रोहित पुरी, मनोज गोला, विष्णु गर्ग, हर्ष बक्शी, तुषार जैन, संजय कपूर, विजय जैन, वर्षा जैन, रूबी मोदी, प्रशांत शर्मा, अंजना शर्मा, राजीव अग्रवाल, डॉ विकास जैन, वैभव गुप्ता, लखन सिंह, विष्णु गर्ग, नवल किशोर अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
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