यूपी की सियासत में जुबानी जंग: राजभर के ‘सपा टूट’ वाले दावे पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार, बोले- भविष्यवाणी कर बतायें भाजपा उन्हें कितनी सीट दे रही

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को ओमप्रकाश राजभर और अखिलेश यादव के बीच जारी जुबानी जंग ने एक नया मोड़ ले लिया है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी टूट की भविष्यवाणी के बाद से सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है।

राजभर का हमला और सपा पर सवाल

सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने ANI से बातचीत में दावा किया कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। उन्होंने सपा नेता रामगोपाल यादव के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजे गए कथित पत्र का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सपा शीर्ष नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि उस पत्र में क्या था। राजभर ने खनन और गोमती रिवर फ्रंट से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी की घेराबंदी करने की कोशिश की।

​अखिलेश यादव का कड़ा पलटवार

राजभर के इन दावों को खारिज करते हुए अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा का पुराना चरित्र दूसरी पार्टियों को तोड़ने का रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर भाजपा से मुकाबला करना है तो बहादुर लोगों की टीम चाहिए। समाजवादी पार्टी इस मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है।” सपा प्रमुख ने उलटवार करते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के ही कई नेता और विधायक अब पाला बदलने की तैयारी में हैं।

​ट्वीट के जरिए किया निजी प्रहार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ओमप्रकाश राजभर पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “भविष्यवाणी करनेवाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीट दे रही है, 50 या फिर सिर्फ आश्वासन। इन्होंने भाजपा के गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर जो पैसा एडवांस लिया है, वो लोग इन्हें ढूंढ रहे हैं।”

गरमाता चुनावी माहौल

राजभर के दावों और अखिलेश के जवाबी हमलों ने राज्य के राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच जारी यह आरोप-प्रत्यारोप आगामी समय में और तेज होने की संभावना है। जहाँ राजभर सपा के बिखराव की बात कर रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव इसे भाजपा की हताशा करार दे रहे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh