‘ये सब चोर हैं, इनकी छुट्टी करो…’ मंदिर आंदोलन के नायक का तीखा तेवर: बोले- ‘बलिदानों से बना है राम मंदिर, दोषियों की जल्द होगी छुट्टी’

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अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में आए चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ता जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में अब विपक्ष नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के अपने ही दिग्गज नेता और राम मंदिर आंदोलन के मुख्य रणनीतिकारों में शुमार रहे पूर्व सांसद विनय कटियार ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने ट्रस्ट में दान के पैसों की कथित हेराफेरी को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

​”ये सब चोर हैं, इनकी छुट्टी कर दूंगा”

पत्रकारों के साथ एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान विनय कटियार ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि इसके लिए देश ने लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने भावुक होते हुए याद दिलाया कि इस मंदिर के निर्माण के लिए कितने लोगों ने बलिदान दिया है और कल्याण सिंह जैसे नेताओं ने अपनी सत्ता तक कुर्बान कर दी थी। इसी संदर्भ में ट्रस्ट पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “अभी जो ये जितने लोग बैठे हैं, सब चोर हैं। इनकी अब छुट्टी होनी चाहिए।”

​”डंडा चलेगा तो सब सच सामने आएगा”

मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कटियार ने इसे हल्का-फुल्का मामला मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे जल्द ही अयोध्या का दौरा करेंगे और वहां मौजूद इन लोगों का सामना करेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “मैं वहां पक्का जाऊंगा और आप देखिएगा, ये जितने लोग आज वहां जमे हुए हैं, सब या तो भाग जाएंगे या फिर जेल की हवा खाएंगे। कल-परसों तक सब साफ हो जाएगा।”

​जब उनसे घोटाले की प्रकृति और अवधि के बारे में सवाल पूछा गया, तो विनय कटियार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभी जो जांच चल रही है, उसके परिणाम जल्द ही सामने होंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, “कितने साल का घोटाला है और इसमें कौन-कौन शामिल है, यह सब कल तक मालूम हो जाएगा। जैसे ही इस मामले में सख्ती होगी और ‘डंडा चलेगा’, वैसे ही सारा सच दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”

​विनय कटियार के इन बयानों ने न केवल अयोध्या के धार्मिक हलकों में बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मचा दी है। राम मंदिर आंदोलन से सीधे जुड़े रहे नेता का यह रुख यह दर्शाता है कि इस कथित वित्तीय हेराफेरी के मामले को लेकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में कोई औपचारिक जांच रिपोर्ट सामने आती है और क्या वाकई बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh