आगरा: धर्मसभा में झलके जीवन के सूत्र, आचार्य इन्द्रनंदी जी महाराज और आर्यिका संघ का मिला मंगल आशीर्वाद

RELIGION/ CULTURE

आगरा। हरीपर्वत स्थित आचार्य शांतिसागर सभागार (एम.डी. जैन) में गुरुवार को भक्ति और प्रेरणा का अनूठा संगम देखने को मिला। आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आयोजित भव्य धर्मसभा में आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ तथा गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी और आर्यिका विज्ञमति माताजी का सानिध्य प्राप्त हुआ। इस आयोजन ने श्रद्धालुओं के मन में धर्म और संस्कारों के प्रति नई चेतना जागृत की।

​संस्कारों का महत्व और संयुक्त परिवार की शक्ति

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञमति माताजी ने आज की बदलती जीवनशैली पर चिंता जताते हुए संयुक्त परिवारों के विघटन को अज्ञानता का संकेत बताया। उन्होंने कहा, “जिस तरह शरीर के जीवित रहने के लिए श्वास अनिवार्य है, उसी तरह एक आदर्श परिवार के लिए बड़ों का मार्गदर्शन और संस्कार अनिवार्य हैं।” उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें जीवन में बहुत कुछ छोड़ने की छूट है, लेकिन मंदिर और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

​सकारात्मकता ही जीवन का आधार

आर्यिका माताजी ने एक प्रेरणादायक प्रसंग के माध्यम से ‘सकारात्मक दृष्टिकोण’ का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रवेश करते समय मन में प्रसन्नता होनी चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी सुख तलाशने की कला ही वास्तविक धर्म है। उन्होंने भक्तों का आह्वान किया कि वे अपने मन में शुद्ध विचारों के बीज बोते रहें, क्योंकि यही बीज भविष्य में एक विशाल वटवृक्ष का रूप लेकर जीवन को सुवासित करेंगे।

आचार्य इन्द्रनंदी जी महाराज का मार्गदर्शन

आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में आत्म-कल्याण और संयम के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का सच्चा उद्देश्य केवल भौतिक सुख पाना नहीं, बल्कि धर्म के माध्यम से आत्मिक शांति को प्राप्त करना है।

​श्रद्धालुओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम का कुशल संचालन परिषद के महामंत्री मनीष जैन ‘ठेकेदार’ ने किया। आयोजन की शुरुआत भगवान महावीर स्वामी के चित्र के अनावरण और श्री शांतिनाथ महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत मधुर मंगलाचरण के साथ हुई।

मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि शुक्रवार, 12 जून 2026 को सुबह 8:15 बजे इसी सभागार में मुनि संघ एवं आर्यिका संघ के मंगल प्रवचन आयोजित होंगे।

इस अवसर पर हीरालाल बैनाड़ा, सुनील जैन, राकेश जैन, विमल जैन, आशीष जैन, दीपक जैन और उषा जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh