Agra News: भाजपा नेता का ‘बोलेरो चोरी’ ड्रामा फ्लॉप, खुद की गाड़ी चोरी कराने के आरोप में पहुंचा जेल

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आगरा। आगरा के कागारौल क्षेत्र में हुए बहुचर्चित बोलेरो चोरी मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिसिया जांच में जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया है। जिस भाजपा मंडल अध्यक्ष देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा ने गाड़ी चोरी की FIR दर्ज कराई थी, वही खुद इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला।

अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी नेता ने अंततः कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

​पुलिस ने खोला साजिश का ‘टेक्निकल’ राज़

पुलिस की गहन जांच में पता चला कि आरोपी ने पहले अपनी बोलेरो बेच दी थी, लेकिन बाद में उसे वापस पाने के लालच में उसने गाड़ी चोरी का नाटक रचा। आरोप है कि आरोपी ने नकली चाबी बनवाकर एक सोची-समझी साजिश के तहत वाहन को गायब कराया और फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

​इस कहानी का सच सामने लाने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जब पुलिस ने खंगाला, तो साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर करीब 400 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है, जिसमें साजिशकर्ता के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष और उनके भाई की भूमिका को स्पष्ट किया गया है।

​अदालत से नहीं मिली राहत

अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए काफी जद्दोजहद की, लेकिन पुलिस द्वारा प्रस्तुत पुख्ता साक्ष्यों के सामने उसकी एक न चली। अदालत ने जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया। राहत न मिलने के बाद आरोपी नेता को अंततः आत्मसमर्पण करना पड़ा।

​इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, क्योंकि आरोपी एक प्रमुख राजनीतिक दल में मंडल अध्यक्ष के पद पर तैनात था। फिलहाल, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और कोर्ट अब साक्ष्यों के आधार पर आगे का निर्णय लेगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh