आगरा में भक्ति का अद्भुत समागम: श्री प्रेमानिधि मंदिर में अधिकमास मनोरथ उत्सव के तहत मनाया गया रक्षाबंधन, ठाकुर जी को अर्पित किए रक्षा-सूत्र

RELIGION/ CULTURE

आगरा: कटरा हाथी शाह, नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमानिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिकमास) मनोरथ उत्सव के अंतर्गत गुरुवार को रक्षाबंधन का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और वात्सल्य भाव के साथ संपन्न हुआ। उत्सव के 19वें दिन ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज के समक्ष भक्तों की अटूट आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

​भक्त-भगवान का अटूट बंधन

पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार, रक्षाबंधन को केवल एक सामाजिक पर्व के रूप में नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के मधुर एवं आत्मीय संबंध के प्रतीक के रूप में मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालु स्वयं को यशोदा मैया और सुभद्रा जी के भाव में निमग्न महसूस कर रहे थे। भक्तों ने बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रभु की कलाई पर रक्षा-सूत्र (राखी) अर्पित की और समस्त जगत के कल्याण व मंगल की कामना की।

​मोगरा के फूलों से सजा अलौकिक फूल बंगला

मंदिर के मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि इस विशेष मनोरथ के लिए मंदिर को दिव्य रूप दिया गया था। ठाकुर जी को श्वेत वेशभूषा धारण कराई गई और मंदिर को मोगरा के सुगंधित श्वेत पुष्पों से भव्य फूल बंगले का स्वरूप दिया गया। सुगंधित वातावरण के बीच प्रभु की अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी। श्रृंगार के उपरांत कुमकुम और हल्दी मिश्रित अक्षत (चावल) से तिलक कर प्रभु की विशेष आरती उतारी गई और उन्हें उत्सव भोग अर्पित किया गया।

​आध्यात्मिक कल्याण का आशीर्वाद

सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने जानकारी दी कि रक्षाबंधन का यह मनोरथ आध्यात्मिक उत्थान का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रभु से न केवल सांसारिक रक्षा की प्रार्थना की गई, बल्कि भक्तों ने अपने आध्यात्मिक कल्याण के लिए भी प्रभु का सानिध्य और आशीर्वाद मांगा। मंदिर में महाआरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसादी का वितरण किया गया, जिससे पूरा परिसर प्रभु की जय-जयकार से गूंज उठा।

​मनोरथी और गणमान्य उपस्थिति

इस भक्तिपूर्ण आयोजन के मनोरथी के रूप में मुकेश धाकड़ और पूर्व पार्षद मनीष धाकड़ ने सेवा का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में भक्ति गोस्वामी, वंशिका गोस्वामी, सागर शिवहरे, राजेश धाकड़, अमित शर्मा, सरदार सिंह धाकड़, दीपक और साहिल सहित अनेक वैष्णव श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। मंदिर में दर्शन के लिए दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा और सभी ने धर्मलाभ प्राप्त किया।

Dr. Bhanu Pratap Singh