आगरा: ख्वाजा गरीब नवाज के पीर-ओ-मुर्शिद हजरत ख्वाजा उस्मान-ए-हारुनी रहमतुल्लाह अलैह के कुल शरीफ के मुबारक मौके पर ताजनगरी में अकीदत और मोहब्बत का मंजर देखने को मिला। ईदगाह कटघर स्थित दरबार-ए-मरकज मुर्शिद, दरगाह आले पंजतनी पीर अलहाज तसद्दुक हुसैन चिश्ती साबरी (रमजान अली शाह) के आस्ताने पर सभी धर्मों के लोगों ने एकजुट होकर बारगाह-ए-इलाही में सिर झुकाया।
”वलियों की बारगाह में मिलता है दिली सुकून”
दरगाह के सज्जादानशीन और साहबजादा-ए-अव्वल विजय कुमार जैन ने मुल्क में अमन, चैन और भाईचारे के लिए खास दुआ की। इस मौके पर उन्होंने कहा, “अल्लाह के वलियों की बारगाह दिल को सुकून अता करती है और नेक तमन्नाओं को पूरा करती है। बुजुर्गों के कुल शरीफ में रूहानी फरिश्ते हाजिर होकर मोमिनों की दुआओं को रब की बारगाह तक पहुँचाते हैं।” उन्होंने ख्वाजा उस्मान-ए-हारुनी के एकता और मोहब्बत के पैगाम को दुनिया के लिए मशाल बताया।
चादरपोशी, इत्र और तोशा शरीफ पर फातिहा
कुल शरीफ की रस्मों के दौरान मजार-ए-मुकद्दस पर अकीदतमंदों ने चादरपोशी, गुलपोशी और इत्र पेश किया। तोशा शरीफ पर फातिहा ख्वानी और कुरान ख्वानी के बाद मुल्क की तरक्की और इंसानियत की सलामती के लिए सामूहिक दुआ की गई। कार्यक्रम के अंत में अकीदतमंदों के बीच लंगर तकसीम (वितरण) किया गया।
सर्वधर्म सद्भाव की दिखी मिसाल
दरबार-ए-मुर्शिद में आयोजित इस रूहानी महफिल में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। फातिहा ख्वानी और कुल शरीफ में हाफिज इस्लाम शाह कादरी, सैयद तनवीर शाह निजामी, अब्दुल सईद खान, अनिल दीक्षित, खलीफा रमजान खान साबरी, बबलू गद्दी, गुलशनदीप चंचल, और ममता दीक्षित सहित बड़ी संख्या में साबरी और चिश्ती सिलसिले के मुरीद व अकीदतमंद शामिल रहे।
- सवालों के घेरे में KGMU नर्सिंग भर्ती 2023: एक ही कोचिंग से चुने गए 500 से अधिक अभ्यर्थी; अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा - October 8, 2026
- 1960 से 2030 तक मंच पर जीवंत हुई महिलाओं की गौरवगाथा: राजनीति से लेकर खेल और विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्धियों को किया गया सलाम - October 8, 2026
- मिथिला में गूंजी अतिथि-सत्कार की परंपरा: जनकपुरी महोत्सव में राजा जनक द्वारा आयोजित ‘बढ़हार की दावत’ में उमड़ा पूरा आगरा - October 8, 2026