TET का ‘टेंशन’: फिरोजाबाद में महिला शिक्षकों की हुंकार, बोलीं- आजाद भारत में गुलामी प्रथा नहीं चलेगी

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फिरोजाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर अब विवाद खुलकर टकराव में बदलता दिख रहा है। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा और साफ चेतावनी दी “आजाद भारत में गुलामी प्रथा नहीं चलेगी।”

संघ ने अपने ज्ञापन में कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने के समय स्पष्ट व्यवस्था थी TET केवल नई नियुक्तियों पर लागू होगी। पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को इससे विधिक छूट दी गई थी। ऐसे में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अब नई अनिवार्यता थोपना नियमों का पूर्वव्यापी इस्तेमाल है, जो स्थापित संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।

संघ का कहना है कि हालिया न्यायिक व्याख्या के बाद स्थिति ऐसी बनाई जा रही है, जिसमें शिक्षक अपनी ही सेवा में असुरक्षित हो गए हैं। इसे “सेवा शर्तों के साथ हस्तक्षेप” बताते हुए संघ ने कहा कि यह न केवल विधिक संतुलन बिगाड़ता है, बल्कि प्रशासनिक न्याय की मूल भावना को भी चोट पहुंचाता है।

संघ के अनुसार उत्तर प्रदेश में करीब 2 लाख और देशभर में 20 लाख से अधिक शिक्षक इस दायरे में आ रहे हैं। लगातार बढ़ते दबाव से शिक्षकों में असंतोष गहराता जा रहा है।

ज्ञापन में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि तत्काल अध्यादेश लाकर RTE से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट दी जाए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से व्यापक किया

फिरोजाबाद में ज्ञापन महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष रीमा सिंह यादव के नेतृत्व में समस्त पदाधिकारियो व सेकड़ो सदस्यों के साथ सौंपा गया जिसमें मुख्य रूप से महामंत्री वंदना तोमर, नीति यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रेनू, कोषाध्यक्ष शिखा मीडिया, प्रभारी नीलम, संयुक्त मंत्री गीतांजलि अर्चना, पारुल, शबीना, उपाध्यक्ष प्रिया, ब्लॉक अध्यक्ष टूण्डला पूनम, ब्लॉक अध्यक्ष शिकोहाबाद अपर्णा श्रीवास्तव, ब्लॉकध्यक्ष नारखी नीतू, ब्लॉकाध्यक्ष अराव रुक्मणि, ब्लॉक अध्यक्ष जसराना साथ में सुनीता, मिथलेश, अमिता, विनीता, रंजना, पूनम, मंजू, अनुराधा, तुलसा, ऋचा, अनुराधा, आराधना, नमस्या, आराधना, अनुराधा, सीमा, रश्मि, ऋतू, साधना, मिथलेश, अवनीश, जया, करुणा, सोनम, प्रगति, शिल्पी, पारुल, सुमन, ममता, आदि सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रही।

Dr. Bhanu Pratap Singh