Agra News: ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण की पहल; ‘तेरह मोरी बांध’ के दिन बहुरेंगे, धूल और जल संकट से मिलेगी मुक्ति

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आगरा: ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) प्राधिकरण ने फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में धूल भरे अंधड़ों को रोकने और गिरते भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने ऐतिहासिक ‘तेरह मोरी बांध’ को पुनर्जीवित करने और इसे जल संचय के लिए उपयुक्त बनाने हेतु सिंचाई विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

धूल के सूक्ष्म कणों (PM 2.5) से सुरक्षा की कवायद

आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और TTZ की सदस्य-संयोजक श्रीमती एम. अरुन्मोली (IAS) ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर बांध के तकनीकी परीक्षण के निर्देश दिए हैं। दरअसल, फतेहपुर सीकरी की पालिका अध्यक्ष श्रीमती शबनम इस्लाम ने वायु प्रदूषण और सूक्ष्म धूल कणों (Fine Particulate Matter) के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस बांध में जल संचय शुरू होता है, तो शुष्कता कम होगी और धूल भरी हवाओं पर लगाम लगेगी, जिससे ताजमहल की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

गेटों की मरम्मत है सबसे बड़ी चुनौती

‘तेरह मोरी’ बांध मानसून के दौरान खारी नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित करता है। बांध के सैल्यूस गेट (Sluice Gate) लंबे समय से खराब और गैर-संचालित (Non-operational) हैं, जिसके कारण वर्षा जल यहाँ ठहरने के बजाय बह जाता है। यदि इन गेटों की मरम्मत हो जाए, तो फतेहपुर सीकरी, किरावली और अछनेरा जैसे क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज में क्रांतिकारी सुधार आएगा।

सिविल सोसाइटी और जनप्रतिनिधियों की मांग

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने भी सिंचाई मंत्री को पत्र लिखकर बांध की मरम्मत और राजस्थान से उटंगन नदी के पानी का हिस्सा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही ‘खनुआ बांध’ को भी इसी तरह पुनर्जीवित किया जाएगा, ताकि आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों को जल संकट से पूरी तरह निजात मिल सके।

Dr. Bhanu Pratap Singh