लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र के आगाज से पूर्व रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राजनीतिक दलों के साथ सर्वदलीय बैठक की, जिसमें सपा और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सदस्य भी शामिल हुए। सरकार 11 फरवरी को राज्य का वार्षिक बजट पेश करेगी, जिसके इस बार 9 लाख करोड़ रुपये के करीब होने का अनुमान है।
विकास और बुनियादी ढांचे पर दांव
पिछले साल का बजट 8.08 लाख करोड़ रुपये था, जिसमें इस बार बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करना है। इसमें नई सड़कों का निर्माण, पुलों का जाल और शहरों के आधुनिक विकास के लिए भारी निवेश किया जा सकता है।
सेक्टरवार संभावित आवंटन (अनुमानित)
बजट का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर आम जनता और युवाओं से जुड़े विभागों को जा सकता है:
इंफ्रास्ट्रक्चर: 25% (सड़क, एक्सप्रेसवे और शहरी विकास)
शिक्षा: 15% (नए स्कूल और डिजिटल लर्निंग)
कृषि: 12% (किसानों के लिए सब्सिडी और सिंचाई)
स्वास्थ्य: 8% (अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण)
सामाजिक सुरक्षा: 5% (पेंशन और गरीब कल्याण योजनाएं)
युवाओं और किसानों के लिए खास
माना जा रहा है कि इस बजट में रोजगार सृजन, खाद्य सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। सरकार का प्रयास है कि वित्तीय संतुलन बनाए रखते हुए हर तबके तक विकास का लाभ पहुँचाया जाए।
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