आगरा: ताजनगरी में जालसाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस और कोर्ट भी हैरान हैं। एक शख्स, जिसने सजा से बचने के लिए 12 साल पहले खुद का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) बनवाकर कोर्ट में केस बंद करवा दिया था, वह अचानक जिंदा पाया गया है। ताज्जुब की बात यह है कि वह शख्स न केवल जीवित है, बल्कि शान से स्कूटी चला रहा था और नेट बैंकिंग का इस्तेमाल भी कर रहा था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 1999 में राजकुमार वर्मा बनाम विद्या देवी केस में ताराचंद शर्मा नाम का व्यक्ति आरोपी था। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ताराचंद ने नगर निगम से सांठगांठ कर अपना झूठा डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया, जिसमें उसने खुद को 1998 में मृत घोषित करवा दिया। 2013 में पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने उसे मृत मानकर उसके खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी थी।
स्कूटी ने खोल दी पोल
किस्मत ने पलटी तब मारी जब वादी राजकुमार वर्मा ने ताराचंद को नवंबर 2025 में आगरा के गांधी नगर में स्कूटी चलाते हुए देख लिया। शक होने पर उन्होंने उसकी फोटो खींची और आरटीओ से स्कूटी की डिटेल निकलवाई। रिकॉर्ड में पता चला कि ‘मृत’ घोषित ताराचंद ने 2016 में अपने नाम से स्कूटी खरीदी थी। इतना ही नहीं, वह डिजिटल बैंकिंग में भी सक्रिय था।
पुलिस जांच में ‘जिंदा’ मिला आरोपी
कोर्ट के आदेश पर जब न्यू आगरा पुलिस ने जांच की, तो एसआई मधुर कुशवाह ने ताराचंद को उसके घर पर जीवित पाया। उसके बेटे आशुतोष ने भी कबूल किया कि उसके पिता जीवित हैं। पुलिस ने अब आरोपी की ताज़ा तस्वीरों के साथ अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है, जिससे ताराचंद की मुश्किलें बढ़ना तय है।
- मुंबई को मिली ‘सोलर इन फुल ब्लूम’ की सौगात: जुहू में अवादा ग्रुप की अनोखी कलाकृति का अनावरण - June 27, 2026
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर छलका धीरेंद्र शास्त्री का दर्द, बोले- “रावण ने सीता जी को चुराया था, इन्होंने तो करोड़ों का भरोसा लूटा” - June 27, 2026
- अयोध्या चढ़ावा मामला: इस्तीफा प्रकरण के बीच ट्रस्ट ने कहा- चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्र पर न्यास करेगा विचार, अफवाहों से बचने की अपील - June 27, 2026