Dudhwa Eco-Tourism: दुधवा की गोद में मार्च 2026 तक तैयार होगा ‘बीवीजी इंडिया रिज़ॉर्ट’, बदलेगी तराई के पर्यटन की तस्वीर

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लखीमपुर खीरी/मुंबई: उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन (Eco-Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बीवीजी इंडिया के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। दुधवा नेशनल पार्क के चंदन चौकी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड और बीवीजी इंडिया मिलकर एक अत्याधुनिक इको-टूरिज्म केंद्र का विकास कर रहे हैं।

मार्च 2026 तक खुलेगा ‘बीवीजी इंडिया रिज़ॉर्ट’

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य आकर्षण ‘बीवीजी इंडिया रिज़ॉर्ट’ है। लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में फैला यह रिसॉर्ट मार्च 2026 तक पर्यटकों के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह जंगल के प्राकृतिक माहौल में पूरी तरह रच-बस जाए। यहाँ पर्यटकों को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ वेलनेस, योग और प्रकृति के करीब रहने का अनोखा अनुभव मिलेगा।

थारू संस्कृति और स्थानीय विकास

परियोजना का सबसे सशक्त पहलू स्थानीय थारू आदिवासी समुदाय का सशक्तिकरण है। रिसॉर्ट परिसर में थारू हस्तशिल्प के लिए विशेष स्थान आरक्षित किया गया है। साथ ही, यहाँ जैविक बागवानी (Organic Farming) को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को शुद्ध खान-पान और ग्रामीण जीवन की झलक मिल सकेगी।

​दुधवा: भारत-नेपाल सीमा का अनमोल रत्न

प्रोजेक्ट टाइगर के तहत आने वाला दुधवा नेशनल पार्क अपनी जैव विविधता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इस पार्क में इको-फ्रेंडली बुनियादी ढांचा विकसित होने से यह जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन (Sustainable Tourism) का एक वैश्विक मॉडल बनकर उभरेगा।

Dr. Bhanu Pratap Singh