आगरा। आगरा के औद्योगिक क्षेत्र को हिला देने वाली रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड फैक्ट्री में हुई 7.70 करोड़ रुपये की चोरी का पुलिस ने रिकॉर्ड समय में खुलासा कर दिया। जिस कर्मचारी पर फैक्ट्री मालिक का सबसे ज्यादा भरोसा था, वही इस वारदात का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के मुताबिक सुपरवाइजर/कंप्यूटर ऑपरेटर अनुपम शर्मा ने गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में नई जिंदगी बसाने के इरादे से चोरी की साजिश रची और अपने भाई व दोस्त को साथ लेकर घटना को अंजाम दिया।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह चोरी 19 जनवरी को थाना सिकंदरा क्षेत्र स्थित रोजर फैक्ट्री में हुई थी। फैक्ट्री से नकदी के साथ सोना, चांदी और हीरे के बहुमूल्य आभूषण गायब मिले थे। शुरुआत में मामला जटिल लग रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री के ही कर्मचारी अनुपम शर्मा को हिरासत में लिया, जिसके बाद पूरा राज खुल गया।
गर्लफ्रेंड के लिए बनाई योजना, भरोसे का फायदा उठाया
पुलिस आयुक्त के अनुसार पूछताछ में अनुपम शर्मा ने स्वीकार किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में सेटल होना चाहता था। फैक्ट्री मालिक अशोक बुद्धिराजा का उस पर पूरा भरोसा था और अनुपम को फैक्ट्री के अंदरूनी रास्तों, लॉकर और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी और भरोसे का फायदा उठाकर उसने अपने भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय उर्फ संजू के साथ मिलकर चोरी की प्लानिंग की।
पीछे के रास्ते से घुसे, लॉकर तोड़कर उड़ाया माल
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी पीछे के रास्ते से दीवार चढ़कर फैक्ट्री में घुसे और लॉकर तोड़कर नकदी व आभूषण चोरी कर लिए। रिपोर्ट के अनुसार चोरी में 52 लाख रुपये कैश बताया गया था, जबकि पुलिस ने 66 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। इसके अलावा डायमंड, गोल्ड और सिल्वर ज्वैलरी की बाजार कीमत करीब 7 करोड़ रुपये आंकी गई है।
वारदात के बाद आरोपी माल का बंटवारा करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाह क्षेत्र के जंगल से गिरफ्तार कर लिया।
जमीन में गाड़ दिया था चोरी का माल, लगभग पूरी रिकवरी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि तीनों आरोपी बाह क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने चोरी का माल अपने गांव में जमीन खोदकर गड्ढे में गाड़ दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लगभग पूरा माल बरामद कर लिया है। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि एक आरोपी के खिलाफ पहले से गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
72 घंटे में केस सुलझा, पुलिस टीम को इनाम
पुलिस आयुक्त ने कहा कि चोरी के पहले ही दिन नकदी की बरामदगी हो गई थी, लेकिन ज्वैलरी की रिकवरी में थोड़ा समय लगा। इसके बावजूद पुलिस टीम ने 72 घंटे के भीतर पूरे मामले को सुलझा लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने लगातार तीन दिन तक बिना रुके मेहनत की और बड़ी सफलता हासिल की।
इस खुलासे में डीसीपी सिटी अली अब्बास, एडीसीपी आदित्य, एसीपी अक्षय और अभय, थाना प्रभारी सिकंदरा त्रिपाठी समेत पूरी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस आयुक्त ने टीम को प्रशस्ति पत्र देने के साथ 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की।
उद्योग जगत ने सराहा पुलिस का काम
रोजर फैक्ट्री चोरी कांड के त्वरित खुलासे पर उद्योग जगत ने भी आगरा पुलिस की सराहना की है। फुटवियर एवं चर्म निर्यात परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि तीन दिन में केस सुलझाकर नकदी और बहुमूल्य आभूषण बरामद करना पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण है। उन्होंने इसे उद्योग जगत के लिए राहत देने वाली कार्रवाई बताया।
वहीं, आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (AFMEC) के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि इस तरह की सक्रिय पुलिसिंग से उद्यमियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है और निवेश के लिए सकारात्मक माहौल बनता है।
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