Agra News: सरस्वती शिशु मंदिर में ‘सप्तशक्ति संगम’ का भव्य समापन; नारी शक्ति से ही संभव है ‘विकसित भारत’ का संकल्प

PRESS RELEASE

आगरा। सरस्वती शिशु मंदिर, उत्तर विजयनगर में सोमवार को सप्तशक्ति संगम का चतुर्थ एवं समापन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में नारी शक्ति के सशक्तिकरण को सुदृढ़ करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों का टीका कर स्वागत करने के पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम की संचालिका श्रीमती गरिमा जी ने अतिथियों का परिचय देते हुए पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। श्रीमती मुक्ति जी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की, जबकि श्रीमती गीता जी एवं श्रीमती कमलेश जी द्वारा प्रस्तुत समूह गीत ने उपस्थित माताओं में आत्मचेतना का संचार किया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती बबिता पाठक जी ने अपने उद्बोधन में परिवार को समाज की मूल इकाई और प्रकृति को पूजनीय बताते हुए वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं से परिवार में संस्कारों के संरक्षण, संयुक्त भोजन की परंपरा और मातृभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि सुनीता अग्रवाल जी ने कहा कि भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका बहुआयामी है। महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और न्याय की वाहक होने के साथ-साथ सांस्कृतिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट माताओं को पर्यावरण संरक्षण एवं संयुक्त परिवार के संचालन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विभिन्न पात्रों के माध्यम से प्रस्तुत मंचन प्रेरणादायी रहा।

इस अवसर पर लगभग 189 माताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का सफल संयोजन श्रीमती प्रीति जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरस्वती शिशु मंदिर, उत्तर विजयनगर के आचार्यों का विशेष योगदान रहा।

अंत में सभी माताओं ने अपनी सप्तशक्ति के जागरण का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

Dr. Bhanu Pratap Singh