उत्तर प्रदेश। प्रदेश में जनवरी की ठंड इस बार अलग तेवर दिखा रही है। रात की गलन लोगों को कंपा रही है, जबकि दिन में निकल रही चटख धूप कुछ घंटों की राहत दे रही है। तापमान के इस तीखे उतार–चढ़ाव ने जनजीवन को असहज कर दिया है। सुबह और रात में अलाव व गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है, वहीं दोपहर में लोग धूप सेंकते नजर आ रहे हैं।
गलन ने छीनी रातों की नींद
प्रदेश के करीब 25 जिलों में बीती रात तीखी गलन के कारण लोगों की नींद उड़ी रही। हवा की रफ्तार भले ही तेज नहीं थी, लेकिन नमी और कोहरे के असर से ठंड हड्डियों तक महसूस हुई। दिन और रात के तापमान में लगभग 15 डिग्री तक का अंतर दर्ज किया गया, जिससे ठंड और ज्यादा चुभने लगी।
धूप ने दी थोड़ी राहत
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से पछुआ हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसी कारण दिन में धूप की तपिश ज्यादा महसूस हुई। सुबह से आसमान साफ रहा और चटख धूप निकलते ही लोगों को कुछ राहत मिली। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में दोपहर के समय पार्कों, छतों और खुले स्थानों पर लोग धूप सेंकते दिखे। अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक रहा। लखनऊ में दिन का तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
सूरज ढलते ही लौटी ठिठुरन
दिन की राहत शाम होते ही खत्म हो गई। सूरज ढलते ही गलन फिर से हावी हो गई। लखनऊ में न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में मेरठ और बहराइच शामिल रहे, जहां न्यूनतम तापमान क्रमशः 4 और 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्रामीण इलाकों में खेतों की नमी और ओस के कारण ठंड का असर और तीखा रहा, जिससे किसानों और मजदूरों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
इन जिलों में ज्यादा असर
लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बहराइच, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, फतेहपुर, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सुल्तानपुर, जौनपुर और बलिया में रात व सुबह के समय गलन, कोहरा और नमी का असर स्पष्ट देखा गया। कई स्थानों पर दृश्यता कम रहने से वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
राहत ज्यादा दिन नहीं
मौसम विभाग का कहना है कि दिन की धूप से मिली राहत अस्थायी है। आने वाले दिनों में पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक फिर से घना कोहरा छाने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में भी दोबारा गिरावट आ सकती है, जिससे रात और सुबह की ठंड और बढ़ेगी।
अलाव बने सहारा
ठंड से बचाव के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलाव जलते दिखे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और चौराहों पर लोग अलाव तापते नजर आए। कई स्थानों पर नगर निगम व स्थानीय प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था की गई, हालांकि अनेक इलाकों में लोग अपने स्तर पर ही इंतजाम करते दिखे।
कब मिलेगी राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जनवरी के तीसरे सप्ताह के बाद ठंड के तेवर कुछ नरम पड़ सकते हैं, लेकिन उससे पहले कोहरे और गलन के कई दौर झेलने पड़ सकते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि बदलते मौसम को हल्के में न लें, सुबह और रात में सावधानी बरतें, कोहरे में वाहन चलाते समय सतर्क रहें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
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