वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में बोले पीएम मोदी, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर भारत, निवेश में देरी की तो मुझे दोष मत देना

EXCLUSIVE

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। 10 जनवरी को दौरे की शुरुआत उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन से की। इसके बाद प्रधानमंत्री राजकोट पहुंचे, जहां आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति, सुधारों और निवेश अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की शुरुआत के बाद यह उनका पहला गुजरात दौरा है और यह सुखद संयोग है कि यह यात्रा सोमनाथ दादा के चरणों में नमन से शुरू होकर विकास के इस मंच तक पहुंची। उन्होंने कहा कि “विकास भी और विरासत भी” का मंत्र आज पूरे गुजरात और देश में गूंज रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और इस दौरान भारत ने अभूतपूर्व गति से तरक्की की है, जिसमें गुजरात और यहां के लोगों की बड़ी भूमिका रही है।

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर भारत

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हालिया आर्थिक आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि भारत से दुनिया की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं और देश आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने बताया कि देश में महंगाई नियंत्रण में है, कृषि उत्पादन नए रिकॉर्ड बना रहा है और भारत दूध उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है। इसके साथ ही जेनेरिक दवाओं और वैक्सीन निर्माण में भी भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप की ताकत

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा उपभोक्ता बन गया है। UPI आज विश्व का नंबर-1 रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत के पास अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। एविएशन सेक्टर में भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है, जबकि मेट्रो नेटवर्क विस्तार के मामले में भी भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो चुका है।

सौराष्ट्र और कच्छ: संघर्ष से सफलता तक

प्रधानमंत्री ने सौराष्ट्र और कच्छ का उदाहरण देते हुए कहा कि ये क्षेत्र हमें सिखाते हैं कि चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, ईमानदारी और मेहनत से उन्हें अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि कच्छ ने सदी की शुरुआत में विनाशकारी भूकंप झेला और सौराष्ट्र वर्षों तक सूखे से जूझता रहा। पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन आज इन क्षेत्रों के लोगों ने अपनी मेहनत से अपनी किस्मत बदल दी है। अब सौराष्ट्र और कच्छ न सिर्फ अवसरों के क्षेत्र हैं, बल्कि भारत की प्रगति के मजबूत स्तंभ बन चुके हैं।

हरित ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन का केंद्र

पीएम मोदी ने कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ भारत के हरित विकास, हरित गतिशीलता और ऊर्जा सुरक्षा के बड़े हब बन रहे हैं। कच्छ में 30 गीगावाट क्षमता का हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित किया जा रहा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा होगा और आकार में पेरिस शहर से भी लगभग पांच गुना बड़ा है। इसके साथ ही कच्छ और जामनगर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। कच्छ में विशाल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना भी की जा रही है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

रिफॉर्म एक्सप्रेस और निवेश का आह्वान

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है और इसमें ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की अहम भूमिका है। GST के नेक्स्ट-जेनरेशन सुधार, बीमा क्षेत्र में बड़े बदलाव, करीब छह दशक बाद आयकर कानून का आधुनिकीकरण और ऐतिहासिक श्रम सुधारों से उद्योग और श्रमिक दोनों को लाभ हुआ है।

अंत में पीएम मोदी ने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ में किया गया हर निवेश गुजरात और देश के विकास में सीधा योगदान देगा। उन्होंने कहा, “मैं यह बात लंबे समय से कह रहा हूं अगर आप निवेश में देरी करेंगे तो बाद में मुझे दोष मत दीजिए।”

प्रधानमंत्री ने रवांडा का उदाहरण देते हुए गिर गायों से वहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिले लाभ का उल्लेख किया और कहा कि भारत की ताकत अब वैश्विक स्तर पर विकास का माध्यम बन रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh