नई दिल्ली। नव वर्ष से ठीक पहले राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम और प्रदूषण ने मिलकर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 403 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। कड़ाके की ठंड, बेहद घना कोहरा और स्मॉग के खतरनाक मेल ने दिल्ली-एनसीआर को एक बार फिर गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दृश्यता शून्य के करीब, जनजीवन अस्त-व्यस्त
सोमवार सुबह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत कई इलाकों में कोहरे की मोटी चादर छाई रही। कई स्थानों पर दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इंडिया गेट, अक्षरधाम, नरेला, आईटीओ और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास हालात सबसे खराब रहे।
मौसम विभाग के अनुसार
अधिकतम तापमान: लगभग 22 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान: 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास
सुबह के समय बेहद घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी हुई है।
हवाई यातायात पर सबसे ज्यादा असर
घने कोहरे का सबसे गंभीर असर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर देखने को मिला। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों के लिए परामर्श जारी करते हुए उड़ानों में देरी और रद्द होने की चेतावनी दी। गोवा से दिल्ली आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान को कोहरे के कारण अहमदाबाद मोड़ना पड़ा। जयपुर हवाई अड्डा पहले से डायवर्ट की गई उड़ानों के चलते व्यस्त रहा। वहीं, इंडिगो एयरलाइंस ने भी कम और बदलती दृश्यता के कारण उड़ान संचालन प्रभावित होने की जानकारी दी।
सौ से अधिक ट्रेनें देरी से
घने कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी साफ दिखाई दिया। दिल्ली आने-जाने वाली करीब 100 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं। सड़क यातायात की स्थिति भी चिंताजनक रही। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और कई स्थानों पर जाम जैसे हालात बन गए।
आनंद विहार सबसे प्रदूषित, AQI गंभीर स्तर पर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार—
दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक: 403
आनंद विहार: 459
चांदनी चौक: 423
आईटीओ: 400
आईआईटी दिल्ली: 362
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र: 317
लोधी रोड: 359
दिल्ली के 19 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है। वहीं नोएडा में सूचकांक 419 और गुरुग्राम में 352 रिकॉर्ड किया गया।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण लागू
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण सख्ती से लागू कर दिया गया है। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगा दी गई है। बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने का नियम सख्ती से लागू किया गया है और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।
आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण के प्रमुख कारणों में वाहन उत्सर्जन करीब 16 प्रतिशत और औद्योगिक इकाइयों का योगदान लगभग 8 प्रतिशत है। नव वर्ष से पहले बदले इस मौसम और प्रदूषण के खतरनाक संयोजन ने साफ कर दिया है कि आने वाले कुछ दिन दिल्ली-एनसीआर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
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