आगरा। नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान ने शहर के दुकानदारों में चिंता बढ़ा दी है। निगम टीम द्वारा दुकानों के बाहर नाली के ऊपर रखे सामान को अतिक्रमण मानते हुए 5100 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद व्यापारी संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि नाली के ऊपर लोहे के जाल पर रखा सामान अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता।
व्यापारी नेताओं ने अभियान प्रभारी डॉ. अजय कुमार सिंह का हवाला देते हुए दावा किया कि नालियों के ऊपर लोहे के जाल पर रखे सामान पर किसी तरह की पेनाल्टी नहीं लगेगी, लेकिन दुकान बंद करते समय नाली को सफाई के लिए खुला छोड़ना अनिवार्य होगा। दुकानदारों से अपील की गई है कि रात में दुकान बंद करते समय लोहे के जाल को ऊपर उठाकर शटर से बांध दें, ताकि सफाई कर्मियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सूत्रों के अनुसार, दो वर्ष पहले भी अतिक्रमण अभियान के दौरान इसी मुद्दे पर विवाद हुआ था। उस समय नगर आयुक्त की मौजूदगी में हुई बैठक में यह सहमति बनी थी कि तय शर्तों के साथ नाली पर लोहे के जाल का उपयोग किया जा सकता है और उस पर सामान रखने की अनुमति भी दी गई थी।
व्यापारी नेता अशोक मंगवानी और जय पुरसनानी ने दुकानदारों से अपील की है कि निगम द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सके।
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