गुरु-शिष्य परंपरा का आधुनिक सांस्कृतिक अनुष्ठान
त्याग, तपस्या और आधुनिक दधीचि की मूर्ति का सम्मान
कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 27 शिक्षकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया — यह सम्मान उन शिक्षकों की तपस्या और त्याग का प्रतीक है, जिन्होंने अपने जीवन को राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित किया है।
मुख्य अतिथि का उद्बोधन : शिक्षा प्रेरणा का शाश्वत स्रोत
प्रो. सरोज सिंह (एसएन मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्राचार्य) ने कहा, “गुरु ही शिष्य को हीरे की भांति गढ़ता है। ऐसे आयोजन शिक्षकों को और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।”
डॉ. जे.एन. टंडन : राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका
मुख्य वक्ता डॉ. जे.एन. टंडन ने स्पष्ट किया कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है। तक्षशिला और नालंदा से लेकर आज तक शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान का वितरण नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों का संवहन रहा है। शिक्षक ही वह शक्ति है जिसे हम राष्ट्र निर्माता कह सकते हैं। पथ प्रदर्शक सम्मान समारोह उसी परंपरा का ज्वलंत प्रतीक है।
आयोजन समिति का दृष्टिकोण
डॉ. पंकज नगायच (समन्वयक) ने शिक्षकों की तुलना आधुनिक दधीचि से की और कहा कि जिन्होंने अपने जीवन को शिष्य निर्माण के लिए समर्पित किया, उनका सम्मान कर क्लब स्वयं गौरवान्वित हुआ। उन्होंने महान शिक्षाविदों — डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. सी.वी. रमन, प्रो. हरगोबिंद खुराना और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम — का स्मरण किया।
विशिष्ट अतिथियों का विचार
विशिष्ट अतिथि प्रो. अरुण चतुर्वेदी, असिस्टेंट गवर्नर मीना सिंह और डॉ. पवन गुप्ता ने दर्शाया कि शिक्षकों को अपने शिष्यों के साथ समय देना चाहिए और शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर जीवन मूल्यों और अनुशासन को भी पोषित करे।
सम्मानित शिक्षक : शिक्षा के ज्योति स्तंभ
- वाईपी गुप्ता
- रेनू मल्होत्रा
- डॉ. रेनू अग्रवाल
- डॉ. नीरज कुमार
- विनोद दुबे
- प्रो. शिखा सिंह
- मनीषा शर्मा
- डॉ. पारुल सिन्हा
- करन सिंह धाकड़
- अलका अग्रवाल
- दिनेश चंद शर्मा
- सुमा कुमारी
- डॉ. के गुरुराज
- अंशु छाबरा
- संगीता रानी
- सुरजीत सिंह
- डॉ. अनुभव खंडेलवाल
- जितेन्द्र कुमार मित्तल
- वीरेश कुमार
- कपिल देव शर्मा
- बीना सिंह
- मौहम्मद रेहान
- वंदना कौर
- मीनाक्षी टीखा
- माधवी सिंह
- शिप्रा सारस्वत
- पंकज पचौरी
विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में पवित्र शर्मा, डॉ. आर.के. शर्मा, डॉ. अभिनव चतुर्वेदी, डॉ. अजय अरोरा, डॉ. एके दौनेरिया, राजू डेनियल, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. खुशबू, कविता, नेहा, डॉ. अभय गर्ग, डॉ. राजेश गोयल, इंद्रेश सोलंकी, डॉ. डी.के. शर्मा, मनोज बजाज, अनिल गोयल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन डॉ. पूजा नगायच, डॉ. अर्चना सिंघल व डॉ. संजना अरोरा ने किया।
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