आगरा: शहर में चार दिन से पानी का संकट बना हुआ है। हालांकि जलकल विभाग ने शुक्रवार की सुबह से पानी की आपूर्ति का दावा किया था, लेकिन अनेक क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी रही।
गौरतलब है कि बुलंदशहर के पालड़ा फाल से 150 क्यूसेक हर रोज गंगा जल मिलता है, इसके चलते जलकल विभाग ने यमुना जल का शोधन बंद कर दिया। पूरी निर्भरता गंगाजल पर है। पालड़ा फाल के गेट में कमी आने के कारण गंगाजल की आपूर्ति रोक दी गई। इससे चार दिन से शहर में पानी का संकट गहरा गया। ऐसे में कैलाश मंदिर मोड़ पर पाइप लाइन फट गई। आए दिन शहर में पाइप लाइन फटना जारी है। इससे बुलंदशहर से मिलने वाला गंगाजल बर्बाद होता रहता है।
जलकल विभाग के प्रभारी जीएम ए भारती का कहना था कि बुलंदशहर के पालड़ा फाल में गेट का काम लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने शुक्रवार सुबह या शाम तक घरों में पानी मिलने की उम्मीद जताई थी।
इस बीच शास्त्रीपुरम बी ब्लॉक निवासी रमेश ढल ने शिकायत की कि उनके और कालोनी के अन्य घरों में दो दिन से जलापूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि आगरा विकास प्राधिकरण ने शास्त्रीपुरम कालोनी में जलापूर्ति के लिए आठ ट्यूबवैल लगाए थे, जिनसे जलापूर्ति की जाती थी, लेकिन वर्तमान में जलकल विभाग द्वारा दो ही ट्यूबवैल चलाए जा रहे हैं, जिससे अधिकांश घरों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
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