Agra, Uttar Pradesh, India. नई माताएं भी कोरोना के प्रकोप से बची नहीं हैं। जिन महिलाओं की हाल ही में डिलीवरी हुई है, उनके कोरोना पॉजिटिव आने में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वो अपने शिशु को दूध पिलाती हैं। आज जब पूरी दुनिया ब्रेस्ट फीडिंग वीक को सेलिब्रेट कर रही है तब आगरा में स्त्री एवं बाल रोग विशेषज्ञों ने इस संदेश को फैलाना जरूरी समझा है कि नई माताएं कोरोना पॉजिटिव आने पर भी अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं। हालांकि इससे पहले मास्क लगाएं, हाथों को अच्छे से साफ करें, अपने चेहरे से बच्चे को दूर रखें, अन्य जरूरी सावधानी रखें।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडिएट्रिक्स (आईएपी) की आगरा शाखा और फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिकल एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया (फोग्सी) की ओर से ब्रेस्ट फीडिंग वीक के अंतर्गत रेनबो हॉस्पिटल के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नवजात शिशुओं की माताओं के साथ ही स्टाफ की महिलाओं को आमंत्रित किया गया था।
फोग्सी के पूर्व अध्यक्ष और रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि मां के दूध की अहमियत सर्वविदित है। यह बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत प्रदान करने के साथ ही उसे जीवन भर रोग मुक्त रखने तक ताकत रखता है। कोरोना ही नहीं बल्कि अन्य कई संक्रामक बीमारियों से महफूज बनाता है। इसलिए जन्म के पहले घंटे में मां का पहला गाढ़ा पीला दूध शिशु को जरूर पिलाना चाहिए।
आईएपी के सचिव डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव महिलाएं भी अपने बच्चे को दूध पिला सकती हैं। ब्रेस्ट मिल्क में बहुत पोषण और शक्ति होती है, इसलिए आम महिला की तरह ही कोरोना पाॅजिटिव मां भी अपने बच्चे को दूध पिला सकती हैं।

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमाशीष मजूमदार ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रेस्ट मिल्क की जागरूकता के बारे में देश के उन राज्यों में से है जहां के 10 जिले सबसे निचले पायदान पर हैं। यह चिंता की बात है। शिशु के लिए मां के दूध से ज्यादा पौष्टिक कुछ नहीं है। इसमें पानी, फैट, कार्बोहाइड्रेड, खनिज पदार्थ, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, सोडियम और विटामिन ए,सी एवं डी होता है। शिशु के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे पहला, सबसे सुलभ और सबसे मजबूत जरिया है।
आईएपी के डॉ. विशाल गुप्ता ने कहा कि शिशु के जन्म के बाद छह माह तक मां को अपना दूध ही बच्चे को पिलाना चाहिए। इस बारे में तरह-तरह की भ्रांतियों से दूर रहें, जैसे फिगर खराब हो जाना, बच्चे का पेट न भर पाना आदि। रेनबो आईवीएफ की डॉ. शैली गुप्ता ने ब्रेस्ट मिल्क के महत्व को बताने वाला एक वीडियो उपस्थित लोगों को दिखाया। इस दौरान रेनबो हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव लोचन शर्मा, वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विश्वदीपक, डॉ. हर्षवर्धन आदि मौजूद थे।
- Gioca dal vivo e vinci subito in Italia su Golisimo Casino - June 15, 2026
- Cutting-edge Advancement Strong Sweet Rush Bonanza Slot Advances for United Kingdom - June 15, 2026
- avantgarde casino 2026 – Guía de casino en línea real - June 15, 2026