आगरा। कमल पुष्पों के मध्य विराजमान श्रीजगन्नाथ भगवान। साथ में बहन सुभद्रा और भाई बलराम। श्रीहरि की इस मनोहर छवि को देख हर श्रद्धालु बलिहारी गया। अष्टप्रहर (24 घंटे) के अखण्ड संकीर्तन भी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। संध्या काल में श्रीहरि के मनोहारी दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटने लगी। मंदिर परिसर भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा।
पाण्डव निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में प्रातः मंगला आरती के उपरान्त ही अखण्ड हरिनाम संकीर्तन का शुभारम्भ हो गया। संकीर्तन बुधवार को सुबह 6 बजे तक चलेगा। मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि कमल तलाई मनोरथ के लिए विशेष रूप से धौलपुर से दो हजार कमल के पुष्प मंगाए गए हैं। साथ ही बेला व अन्य पुष्पों से भगवान का श्रंगार व फूल बंगला सजाया गया।
भीषण गर्मी के मौसम में चंदन के छापे से सजी हल्की व सूती पोशाक धारण कर रहे हैं भगवान। बताया का पाण्डव पुत्र भीम ने इस एकादशी का व्रत रखा था, इसलिए इसे भीमसेनी या पाण्डव एकादशी भी कहा जाता है। संध्या आरती में भक्तों ने भक्ति भाव के साथ भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आशू मित्तल, राहुल बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, हर्ष खटाना, ललित माधव प्रभु, शम्भू प्रभू, नवीन, अनुल गुप्ता आदि उपस्थित थे।
रिपोर्टर- वीरेन्द्र
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