यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने मुख्तार अंसारी की मौत की परिस्थितियों पर विपक्ष के कई नेताओं की प्रतिक्रिया पर जवाब दिया है.
उन्होंने कहा, “किसी भी आदमी का जन्म होता है तो मौत तो स्वाभाविक है. लेकिन लोग संदिग्ध मौत की बात कहते हैं, वो जांच का विषय है. जांच में जो सत्यता होती है, लोगों को उस आधार पर बयान देना चाहिए.
आज के दिन में विज्ञान पर भरोसा करना चाहिए क्योंकि फॉरेंसिक रिपोर्ट ही ऐसी चीज़ है, जिस पर विश्वास किया जा सकता है.”
संजय निषाद ने कहा कि किसी की मौत पर राजनीति नहीं होना चाहिए.
विपक्ष और मुख़्तार अंसारी के परिवार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पहला तो ये है कि हमारी सरकार माननीय योगी जी हैं, कभी भी कुछ होता है तो विशेष तौर पर जांच करते हैं. पोस्टमॉर्टम की टीम गठित हुई है. उसका इंतजार करना चाहिए.
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी जांच की मांग की है. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “मुख़्तार अंसारी की जेल में हुई मौत को लेकर उनके परिवार द्वारा जो लगातार आशंकायें व गंभीर आरोप लगाए गए हैं उनकी उच्च-स्तरीय जाँच ज़रूरी ताकि उनकी मौत के सही तथ्य सामने आ सकें. ऐसे में उनके परिवार का दुःखी होना स्वाभाविक. कुदरत उन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे.”
अंसारी के परिवार के सदस्य भी जांच की मांग कर रहे हैं.
अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा, “मुझे मौत की सूचना भी मीडिया के माध्यम से मिली. प्रशासन से तो कोई सूचना नहीं मिली. 18 मार्च से उनकी तबीयत काफी खराब चल रही थी. बार-बार कहने के बाद भी इलाज नहीं दिया जा रहा था.
25-26 की रात उनकी जब तबीयत बहुत ज़्यादा बिगड़ी गई तो चंद घंटों के लिए मेडिकल कॉलेज लाए और स्टेबल हैं कहकर वापस कर दिए. महीनों पहले आशंका जताई गई थी, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.”
-एजेंसी
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