हम अक्सर ऐसी खबर सुनते हैं कि इस राज्य में एक आदमी ने अपनी असली पहचान जैसे की (धर्म, जाति या मैरिटल स्टेटस) छिपाकर दूसरी लड़की से शादी कर ली है। अब ऐसा करना या किसी महिला से संबंध बनाना भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध होगा। केंद्र की मोदी सरकार इस फ्रॉड को रोकने के लिए नया कानून लाने जा रही है। प्रस्तावित बिल में प्रावधान है कि भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 69 के मुताबिक ऐसा करना छल माना जाएगा और इसके लिए 10 साल तक की सजा मिलेगी।
कानूनी मामलों के संसदीय पैनल ने तैयार की रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक कानूनी मामलों के संसदीय पैनल ने इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार किया है। इसे सरकार एक विधेयक के तौर पर लाएगी। इसके मुताबिक यदि कोई शख्स शादी करने के लिए पहचान छिपाता है या फिर संबंध बनाने के लिए ऐसा करता है तो उसे रेप नहीं माना जाएगा, लेकिन छल माना जाएगा। ऐसे मामलों में 10 साल तक की कैद की सजा का नियम बनाने की तैयारी है।
इस सेक्शन में साफ किया गया है कि रोजगार देने, प्रमोशन या फिर शादी का वादा करते हुए पहचान छिपाकर शादी करना छल माना जाएगा। भारतीय न्याय संहिता विधेयक पर स्टैंडिंग कमेटी की ड्राफ्ट रिपोर्ट आज पेश की जाएगी। दरअसल, बीते कुछ सालों में ऐसे ढेरों मामले सामने आए हैं, जब लोगों ने अपने शादीशुदा होने की बात को छिपाकर किसी महिला से ब्याह रचा लिया। इसके बाद उत्पीड़न की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
पहचान छिपाकर शादी करने को अपराध माना जाएगा
इसके अलावा मजहब छिपाकर शादी करने के भी मामले सामने आते रहे हैं। ऐसा पहली बार होगा, जब पहचान छिपाकर शादी करने को अपराध मानते हुए अलग से केस चलाया जाएगा। ऐसे मामलों को कैसे डील किया जाए, इसे लेकर पुलिस पसोपेश में रहती थी। अब इस पर कानून बनने से स्पष्टता होगी कि ऐसे मामलों में किस तरह से ऐक्शन लिया जाए।
बता दें कि ऐसे मामलों को एक वर्ग लव जिहाद भी कहता रहा है, जिसमें अंतर्धार्मिक विवाह पहचान छिपाकर किए जाने के मामले सामने आते हैं। इसके अलावा रिलेशनशिप बनाने के लिए भी कई बार पहचान छिपाने की घटनाएं सामने आई हैं।
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