Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने उप कृषि निदेशक परिसर में किसान गोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जनपद मथुरा को रबी लक्ष्य प्राप्त करने और किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य मिशन मोड में रखना चाहिए। किसान गोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि प्रदेश एवं केन्द्र सरकार द्वारा किसानों की समस्याओं को दूर कर रही है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए रबी की खेती की तैयारियों को पूर्ण कर लिया जाये।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनिश्चित किया है कि गांव, गरीब और किसान परेशान न हों
श्री सिन्हा ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न असाधारण स्थिति का कृषि क्षेत्र को साहस और दृढ़ता से मुकाबला करना होगा और सभी को इस समय उठकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुनिश्चित किया है कि गांव, गरीब और किसान इस संकट के दौरान परेशान न हों। उन्होंने आग्रह किया कि वे प्रत्येक किसान को दो योजनाओं- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से प्रत्येक किसान को लाभ मिलना चाहिए।
कृषि और बागवानी क्षेत्रों के उत्पादन और उत्पादकता में तेजी लानी होगी
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि हालांकि हमारा प्रदेश खाद्य अधिशेष वाला प्रदेश बन गया है, लेकिन फिर भी हमें ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि और बागवानी क्षेत्रों के उत्पादन और उत्पादकता में तेजी लानी होगी। उन्होंने किसानों को फसलों के उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए मंत्रालय द्वारा शुरू की गई प्रमुख नई पहलों के बारे में बताया, जैसे कि उर्वरक उपयोग दक्षता में सुधार के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देते हुए सबसे प्रमुख प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (पीएमकेएसवाय) के तहत “प्रति बूंद अधिक फसल” की गहनता की पहल, परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाय), संशोधित किसान हितैषी “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय)”, किसानों को एक इलेक्ट्रॉनिक ऑनलाइन व्यापार मंच प्रदान करने के लिए ई-एनएएम पहल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की गहनता, प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना (पीएम-केपीवाय) की केंद्रीय क्षेत्र की योजना की शुरुआत, तिलहन, दलहन और फसलों के लिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने के लिए पीएम-आशा योजना की शुरुआत, और कोविड-19 को देखते हुए लॉकडाउन की स्थिति में किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने हेतु कृषि प्रबंधन के लिए जो एडवाइजरी व दिशा निर्देश जारी किए गए थे।
समस्याओं को हल करने के लिए “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” को कार्यान्वित किया जा रहा है
उन्होंने कहा कि तहसील एवं ब्लॉक स्तरों पर इस तरह के आदानों की सही समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बीजों और उर्वरकों से लदे ट्रकों, वाहनों की आवाजाही के लिए छूट दी गई है। सरकार ने किसानों को इलेक्ट्रॉनिक ऑनलाइन व्यापार मंच और बेहतर आर्थिक लाभ प्रदान करने के लिए ई-एनएएम प्रणाली को भी मजबूत किया है। पिछले दशकों में कई प्रयासों के बावजूद, बड़ा कृषि क्षेत्र अभी भी मानसून पर निर्भर है और मानसून की विफलता के कारण, किसानों को अपनी फसलों के अस्तित्व के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को हल करने के लिए “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” (पीएमकेएसवाय) को कार्यान्वित किया जा रहा है जिसका उद्देश्य सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य क्षेत्र का विस्तार करना, पानी की बर्बादी को कम करने के लिए खेत में उपलब्ध जल उपयोग दक्षता में सुधार लाना, सटीक सिंचाई और अन्य पानी की बचत करने वाली प्रौद्योगिकियों के अपनाए जाने को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय खाद्य और पोषण सुरक्षा मिशन (एनएफएनएसएम) की अग्रिम योजना और कार्यान्वयन के लिए राज्य कार्य योजना (एसएपी) के प्रारूप को सरल और कम करके लगभग एक पृष्ठ का कर दिया गया है। राष्ट्रीय खाद्य और पोषण सुरक्षा मिशन मुख्य रूप से खाद्यान्न उत्पादन के लिए एक जनादेश है और देश भर में राज्य कृषि विभागों के माध्यम से प्रोजेक्टाइज्ड मोड पर लागू किया जाता है।
योजनाओं की जानकारी ग्रामों तक जाए व फसलों का भुगतान समय से हो
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने अपने संबोधन में कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने एक कमेटी बनाई गई है, जो नई कृषि नीतियों को बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। प्रदेश सरकार का मत है कि किस प्रकार हम मनरेगा को कृषि से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के अधिकारीगण यह सुनिश्चित करे कि निर्धारित दर से कम दर में क्रय न हो। योजनाओं की जानकारी ग्रामों तक जाए व फसलों का भुगतान समय से हो। उन्होंने कहा कि हमें किसान हित में बहुत काम करने हैं, एक साथ उनको साथ लेकर उनकी आय को दोगुना के साथ-साथ उनकी समस्याओं का भी निस्तारण करना है। श्री चहल ने कहा कि प्रदेश सरकार कोशिश कर रही है कि पूरे प्रदेश में जो हमारे प्रगतिशील किसान हैं उन सबको मिलकर एक ऐसा ग्रुप बनाया जाये। उन्होंने कहा कि जो गांव में हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर है उसे सुधार सकें। गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
गांव में सारी सुविधाएं उपलब्ध हो और गांव में धीरे-धीरे कंडीशन बदलती रहें
किसान भाइयों की आय बढ़ेगी, तो इस तरीके से जो माइग्रेशन होता है शहर की तरफ जाने का, तो वह भी लोगों को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं कि गांव में सारी सुविधाएं उपलब्ध हो और गांव में धीरे-धीरे कंडीशन बदलती रहें, जो हमारे गांव का गांव में ही रहे। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि मथुरा आगे तरक्की करेगा। किसान गोष्ठी में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि किसान मेला में जो यहां पर आप जानकारी प्राप्त करके जाएंगे। वह अपने क्षेत्र में जाकर और किसान भाइयों से उसका प्रचार प्रसार करेंगे। कार्यक्रम में विधायक बल्देव पूरन प्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीक्षा जैन, उप कृषि निदेशक धुरेन्द्र कुमार सहित भारी संख्या में किसानगण उपस्थित थे।
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