पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने इमरान खान की पार्टी PTI के 25 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज की मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। इन 25 विधायकों ने कुछ दिनों पहले ही पंजाब मुख्यमंत्री पद के लिए हुए चुनाव में पार्टी लाइन से अलग होकर पीएमएल-एन के हमजा शहबाज को वोट दिया था। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के कुछ दिनों बाद आया है जब राष्ट्रपति के संदर्भ में अनुच्छेद 63-ए की व्याख्या की मांग की गई थी। यह व्याख्या दलबदल पर सांसदों की अयोग्यता से संबंधित था।
बागी विधायकों के वोटों की गिनती नहीं की जा सकती
अनुच्छेद 63-ए सांसदों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के चुनाव के संबंध में, या विश्वास मत या अविश्वास मत; या धन विधेयक या एक संविधान (संशोधन) विधेयक पर वोटिंग के दौरान पार्टी निर्देशों का उल्लंघन करने या अनुपस्थित होने पर प्रतिबंधित करने से संबंधित है। इस अनुच्छेद की अपनी व्याख्या में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पार्टी के निर्देश के खिलाफ डाले गए वोटों की गिनती नहीं की जा सकती है और इनकी उपेक्षा करनी चाहिए। अगर सांसद पार्टी लाइन, पार्टी प्रमुख के आदेशों की अवहेलना करते हैं तो कार्रवाई के परिणामस्वरूप दलबदल की घोषणा होगी।
25 विधायकों ने इमरान का साथ छोड़ हमजा को दिया था वोट
पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री पद के लिए हुए चुनाव के दौरान पीटीआई के 25 असंतुष्ट विधायकों ने पार्टी लाइन से बाहर जाते हुए हमजा शहबाज को वोट किया था। इसी क्रास वोटिंग के कारण हमजा शहबाज को 197 विधायकों का समर्थन मिला जो साधारण बहुमत के लिए 186 मतों से 11 ज्यादा था। ऐसे में अगर पीटीआई के 25 विधायकों के वोट को हटा दिया जाए तो हमजा शहबाज की सरकार बहुमत खो देगी। पीटीआई और पीएमएल-क्यू के चौधरी परवेज इलाही ने भी सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या के बाद हमजा शहबाज के चुनाव को “अवैध” घोषित करने के लिए लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) का दरवाजा खटखटाया है।
पीटीआई ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की थी
इससे पहले पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने 17 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस समय कहा गया था कि इसकी घोषणा अगले दिन (बुधवार) दोपहर 12 बजे की जाएगी। हालांकि बाद में घोषणा को टाल दिया गया। 16 अप्रैल को हमजा के मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव के बाद, पीटीआई ने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष इलाही को अपने 25 बागी विधायकों को दलबदलू घोषित करने के लिए एक पत्र भी भेजा था। परवेज इलाही पीटीआई और पीएमएल-क्यू की तरफ से उस चुनाव में मुख्यमंत्री पद के संयुक्त उम्मीदवार भी थे।
-एजेंसियां
- एसबीआई ग्राहकों के डेटा लीक की आशंका; डार्क वेब पर मिले 3,897 संदिग्ध रिकॉर्ड, बैंक ने शुरू कराई उच्चस्तरीय साइबर जांच - October 21, 2026
- हिंदी फिल्म ‘दरकार’ का प्रमोशनल सॉन्ग ‘जैसे राधे कृष्णा’ रिलीज: अभिनेता राजा गुरु के दमदार अंदाज ने खींचा सबका ध्यान - October 21, 2026
- नमक की मंडी स्थित सांवरिया मार्केट में हुआ आगरा सराफा एसोसिएशन के नवीन कार्यालय का शुभारंभ: एमएलसी विजय शिवहरे और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने किया उद्घाटन - October 21, 2026