लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मथना गांव में शनिवार देर शाम खेत से मवेशियों के लिए चारा लेकर घर लौट रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान शिवसागर वर्मा की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों और चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। सड़क किनारे बुजुर्ग का खून से लथपथ शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत और हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई।
रोज की तरह गए थे चारा लेने, नहीं लौटे घर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मथना गांव निवासी शिवसागर वर्मा शनिवार सुबह अपने खेतों पर मवेशियों के लिए चारा लेने गए थे। जब वे देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे, तो परिजन उनकी तलाश करने लगे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने सड़क किनारे उनका लहूलुहान शव पड़ा देखा और तत्काल परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही मृतक की बेटी अनीता वर्मा और अन्य पारिवारिक जन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, हमलावरों ने बेहद बेरहमी से चाकू और धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार किए थे।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ख्याति गर्ग, सीओ सिटी महक शर्मा, सदर कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया तथा मौके से साक्ष्य जुटाए। हालांकि, जब पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी, तो आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा कर दिया।
मृतक के भाई सुनील वर्मा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 19 जनवरी 2026 को उन पर भी अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज अभी भी चल रहा है। सुनील का कहना है कि उन्होंने स्थानीय कोतवाली से लेकर पुलिस अधीक्षक तक इसकी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की और न ही हमलावरों का पता लगाया। परिजनों का आक्रोश था कि यदि पुलिस ने जनवरी की घटना पर सख्ती दिखाई होती, तो शायद आज उनके भाई की जान नहीं जाती।
विधायक योगेश वर्मा पहुंचे मौके पर, भारी पुलिस बल तैनात
बढ़ते तनाव और ग्रामीणों के कड़े विरोध के बीच सदर विधायक योगेश वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनकी सहमति के बिना जबरन शव को ले जाने का प्रयास कर रही थी।
सीओ सिटी महक शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी है और मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
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