भगवान श्रीकृष्ण की पावन क्रीड़ास्थली मथुरा, वृंदावन और गोकुल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के भव्य पर्व को लेकर तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं। आगामी 4 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस विश्व प्रसिद्ध उत्सव में देश और दुनिया के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की पूरी संभावना है। भक्तों की भारी भीड़ और सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा, सुगम यातायात और जन-सुविधाओं का बेहद कड़ा और पुख्ता प्लान तैयार किया है।
भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित रखने के लिए आगरा जोन के आठ से अधिक जिलों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स मंगवाया गया है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों से भी बल की मांग की गई है। पूरे मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर लगभग चार हजार पुलिसकर्मी, पीएसी के जवान और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।
सुरक्षा का 3 ज़ोनिंग प्लान और त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा प्रबंधों को अचूक बनाने के लिए संपूर्ण मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को 7 जोन और 35 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर जोन की कमान एसपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों में होगी, जबकि सेक्टर स्तर की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारी संभालेंगे।
सुरक्षा का दायरा तीन मुख्य हिस्सों में बंटा है:
रेड ज़ोन (अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र): श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर और शाही ईदगाह के मुख्य अंदरूनी हिस्से को इस श्रेणी में रखा गया है। यहाँ केवल केंद्रीय सुरक्षा बलों और विशेष कमांडो की तैनाती रहेगी, और बिना गहन चेकिंग के किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।
येलो ज़ोन (निकटवर्ती क्षेत्र): जन्मभूमि और मस्जिद परिसर के ठीक बाहर के बाहरी इलाकों को शामिल किया गया है, जहाँ पीएसी और त्वरित कार्य बल (RAF) की टीमें मुस्तैद रहेंगी।
ग्रीन ज़ोन (बाहरी शहर व संपर्क मार्ग): शहर का शेष बाहरी हिस्सा, मुख्य चौराहे और पार्किंग स्थल इसके अंतर्गत हैं, जहाँ यूपी पुलिस और ट्रैफिक पुलिस यातायात संभालेगी।
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए 8 कंपनी पीएसी, 1 कंपनी आरएएफ, बाढ़ राहत के लिए फ्लड प्लाटून, 16 वॉच टावर, सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरों से 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके।
यातायात और डायवर्जन प्लान
श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन देने के लिए 3 सितंबर की सुबह 8 बजे से 5 सितंबर की सुबह 9 बजे तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भूतेश्वर, मसानी, डींग गेट, चौक बाजार, भरतपुर गेट, गोवर्धन चौराहा, मण्डी चौराहा, कृष्णापुरी और होलीगेट की ओर से जन्मभूमि की तरफ सभी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। शहर में कुल 129 स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं और 24 पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं, जहाँ बाहरी वाहनों को रोककर श्रद्धालुओं को पैदल भेजा जाएगा।
गोकुल में भी उत्सव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रीकृष्ण के बाल रूप की नगरी गोकुल में भी नंदोत्सव और जन्माष्टमी का उल्लास छा गया है। यहाँ यमुना घाटों की सुरक्षा के मद्देनजर जल पुलिस और गोताखोरों की टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई और चिकित्सा शिविरों का पूरा बंदोबस्त किया गया है। प्रशासन ने सभी भक्तों से शांति व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
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