लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला बोला है। अपने आक्रामक तेवरों में अखिलेश यादव ने सरकार पर अहंकार, भ्रष्टाचार, गंगा सफाई में धांधली और ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है।
‘चढ़ावा चोर’ और गंगा सफाई पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जिनकी आंख का पानी मर गया है, ऐसे अहंकारी लोग ‘दुखी मां’ का अपमान करते रहेंगे। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए लिखा, “चढ़ावा चोर ‘भाजपाई’ सिर्फ मंदिरों में ही नहीं, बल्कि मां गंगा की सफाई में भी जमकर चोरी कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रभुत्ववादी लोग ‘पीडीए’ को अपमानित करने के इरादे से गंगा जल से आवास, मंदिर परिसरों, चौराहों और मंचों को धुलवाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं पर लाठियां बरसाने और पूज्य शंकराचार्य तक पर प्रहार व आरोप लगाने का गंभीर आरोप भी सत्ता पक्ष पर मढ़ा।
भ्रष्टाचार और बदहाल बुनियादी ढांचे पर घेरा
सपा प्रमुख ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपाइयों की घूसखोरी के कारण पुल, पानी की टंकियां और एक्सप्रेसवे सब पानी में मिलते जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तालाबों को तो भाजपाई कब्जे में लेकर सुखा देंगे, लेकिन उनके ही महा-भ्रष्टाचार की वजह से अब शहर की सड़कें खुद तालाब बनती जा रही हैं।
‘जनता बांटेगी वोट का मुक्ति पत्र’
अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश की जनता आज की हर समस्या की मुख्य जड़ भाजपा को मान चुकी है। इस बार जनता बीजेपी को हमेशा के लिए हराने और सत्ता से हटाने के लिए अपने वोट का ‘मुक्ति पत्र’ बांटेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार जब भाजपा सत्ता से जाएगी, तो फिर कभी लौटकर नहीं आएगी। जनता अब इन लोगों के भाषण सुनने के बिल्कुल भी मूड में नहीं है।
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