​पुष्पा स्टाइल में भूसे के नीचे छिपा कर हो रही थी शराब तस्करी, आगरा में पुलिस ने 45 लाख रुपये की 415 पेटी की बरामद, दो गिरफ्तार

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आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने ‘पुष्पा’ फिल्म की तर्ज पर भूसे के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही 415 पेटी अवैध शराब बरामद की है। बरामद की गई इस शराब की कुल बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर एक 10 चक्का ट्रक को पकड़ा और मौके से ट्रक के चालक नानू राम व क्लीनर नानक राम को गिरफ्तार कर लिया है।

शुरुआती जांच में पता चला है कि यह ट्रक मध्य प्रदेश का है और इसे किराए पर लिया गया था, फिलहाल पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के सरगना यानी ट्रक मालिक और मैनेजर दीपक की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

फिल्मी अंदाज में भूसे के नीचे छिपा रखी थी शराब

शराब तस्करों ने कानून की निगाहों से बचने और पुलिस को चकमा देने के लिए पूरी तरह से फिल्मी तरीका अपनाया था, लेकिन ट्रांस यमुना पुलिस की मुस्तैदी और सतर्कता के आगे उनकी यह शातिर योजना धरी की धरी रह गई। तस्करों ने 10 चक्का ट्रक में भूसे के नीचे शराब छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की साजिश रची थी।

​पुलिस के मुताबिक, शराब की इस भारी-भरकम खेप को ट्रक में इस शातिराना तरीके से छिपाया गया था कि पहली नजर देखने पर किसी को भी उसमें केवल भूसा ही नजर आए। तस्करों ने शराब की पेटियों को भूसे की एक मोटी परत के ठीक नीचे सुरक्षित ढंग से दबा दिया था, ताकि रास्ते में किसी भी चेकिंग के दौरान पुलिस को इसकी भनक तक न लग सके। हालांकि, सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में जाल बिछाया और संदिग्ध 10 चक्का ट्रक को रोककर अपनी गिरफ्त में ले लिया।

तलाशी के दौरान हैरान रह गई पुलिस

जब पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध ट्रक की गहन तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर वे भी दंग रह गए। ट्रक के भीतर से भूसा हटाते ही उसके नीचे भारी मात्रा में शराब की पेटियां एक के बाद एक दिखाई देने लगीं। पुलिस ने जब गिनती की तो कुल 415 पेटी अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 45 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तुरंत शराब और ट्रक दोनों को अपने कब्जे में ले लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले आई।

आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच

पकड़े गए आरोपियों की पहचान नानू राम (चालक) और नानक राम (क्लीनर) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों से कड़ाई से पूछताछ करने पर शराब तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।

​पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि जिस ट्रक में यह अवैध शराब ले जाई जा रही थी, वह मध्य प्रदेश का है और उसे किराए पर लिया गया था। इस अवैध धंधे में ट्रक मालिक और मैनेजर दीपक की संलिप्तता भी खुलकर सामने आई है, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की यह बड़ी खेप मूल रूप से कहां से लोड की गई थी और इसे आगरा के रास्ते या इसके आगे किस ठिकाने पर पहुंचाया जाना था।

पुलिस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी

फिलहाल पुलिस इस तस्करी के पूरे नेटवर्क की एक-एक कड़ी को आपस में जोड़ने में जुटी हुई है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य चेहरों की सुरागकशी की जा रही है। पुलिस यह भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या तस्करों ने इससे पहले भी इसी तरह के शातिर तरीके का इस्तेमाल करके शराब की खेप को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाया था या नहीं। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शराब तस्करों के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh