टाइगर श्रॉफ मामले के बाद आगरा के बाह में मचा हड़कंप; लॉरेंस गैंग कनेक्शन खंगाल रही पुलिस

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आगरा। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में बाह क्षेत्र के कुछ युवकों के नाम सामने आने से पुलिस सतर्क हो गई है। बाह क्षेत्र को लंबे समय से लॉरेंस गिरोह से प्रभावित युवकों की गतिविधियों को लेकर संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में मुंबई की जांच में सामने आए स्थानीय युवकों के नामों के बाद पुलिस ने उनकी गतिविधियों, संपर्कों और संभावित आपराधिक नेटवर्क पर निगरानी बढ़ा दी है।

थाना बाह क्षेत्र के बिजली गांव निवासी दीपक, सन्नी, सोनू, रितिक और विष्णु के नाम मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान सामने आने की जानकारी है। इन नामों के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों का आपस में किस तरह का संपर्क है, इनके संबंध किन लोगों से हैं और क्या इनका किसी संगठित आपराधिक गिरोह से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़ाव है।

एसीपी बाह के अनुसार, संबंधित युवकों की भूमिका, संपर्कों और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस स्तर से इनके बारे में उपलब्ध जानकारी को भी खंगाला जा रहा है। हालांकि, किसी व्यक्ति का जांच में नाम सामने आना मात्र उसकी आपराधिक संलिप्तता का अंतिम प्रमाण नहीं है। पुलिस की जांच के बाद ही वास्तविक भूमिका स्पष्ट होगी।

बाह में पहले भी सामने आते रहे हैं गिरोह से जुड़े तार

बाह क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों और हथियारों से जुड़े मामलों में युवकों के नाम सामने आने का सिलसिला नया नहीं है। खासतौर पर लॉरेंस गिरोह से जुड़े मामलों में क्षेत्र के कुछ युवकों की गिरफ्तारी के बाद बाह पुलिस और खुफिया तंत्र पहले से ही ऐसे मामलों को लेकर सतर्क रहा है। 2023 में जयपुर के जी-क्लब फायरिंग मामले की जांच के दौरान जैतपुर क्षेत्र के जयप्रकाश उर्फ जेपी, प्रदीप शुक्ला उर्फ बाबा और ऋषभ उर्फ यशचंद्र के नाम सामने आए थे और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा बाह निवासी भूपेंद्र गुर्जर उर्फ थापा को भी हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। इन घटनाओं ने बाह-जैतपुर क्षेत्र में सक्रिय ऐसे युवकों और उनके संभावित आपराधिक संपर्कों को लेकर पुलिस की चिंता बढ़ाई थी।

रोहित शेट्टी आवास फायरिंग में भी बाह का कनेक्शन

वर्ष 2026 में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास पर हुई फायरिंग की जांच में भी बाह क्षेत्र का नाम सामने आया था। इस मामले में बाह के विष्णु को आगरा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जांच के दौरान ऋतिक यादव, सनी और सोनू को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू और प्रदीप कुमार जाटव उर्फ गाट की गिरफ्तारी भी हुई थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने बाह क्षेत्र को लेकर पुलिस की निगरानी और सतर्कता को और बढ़ा दिया है।

लॉरेंस गिरोह के प्रभाव को लेकर पुलिस की चुनौती

बाह और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सोशल मीडिया के माध्यम से कुख्यात अपराधियों और गिरोहों का प्रभाव युवाओं तक पहुंचने की आशंका पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। पुलिस की नजर अब विशेष रूप से उन युवकों पर है, जिनके संपर्क संदिग्ध लोगों से होने की जानकारी सामने आती रही है या जिनके नाम दूसरे राज्यों में हुई आपराधिक घटनाओं की जांच में सामने आए हैं। टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले में बाह के युवकों के नाम सामने आने के बाद पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि स्थानीय स्तर पर किसी तरह का नेटवर्क सक्रिय तो नहीं है। इसके अलावा दूसरे राज्यों में रहने वाले संदिग्ध संपर्कों और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है।

पुलिस के सामने स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल अहम

पुलिस के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि मुंबई और हरियाणा जैसे राज्यों में सामने आए मामलों के तार बाह से किस स्तर तक जुड़े हैं। क्या स्थानीय युवक केवल संपर्क में थे या किसी आपराधिक गतिविधि में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे—यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एसीपी बाह ने स्पष्ट किया है कि संबंधित युवकों की भूमिका और उनके संपर्कों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का फोकस संभावित नेटवर्क की पहचान करने और क्षेत्र में किसी भी संगठित आपराधिक गतिविधि को पनपने से रोकने पर है।

बाह में बढ़ेगी पुलिस की सक्रियता

लगातार अलग-अलग राज्यों में सामने आए आपराधिक मामलों में बाह क्षेत्र के युवकों के नाम आने के बाद स्थानीय पुलिस की चुनौती बढ़ गई है। टाइगर श्रॉफ से जुड़े ताजा घटनाक्रम ने इस निगरानी को और महत्वपूर्ण बना दिया है। पुलिस अब संदिग्ध गतिविधियों के साथ-साथ युवकों के संपर्कों और आवाजाही पर भी नजर बनाए हुए है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी युवक को अपराधी या किसी गिरोह का सक्रिय सदस्य कहना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह साफ होगा कि मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आए नामों की वास्तविक भूमिका क्या है और उनके संपर्क किस स्तर तक फैले हुए हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh