आगरा में चांदी लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा: पूर्व बस ड्राइवर समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, 16 किलो चांदी और दो गाड़ियां बरामद

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आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की रकाबगंज थाना पुलिस ने बहुचर्चित चांदी लूटकांड का खुलासा करते हुए एक पूर्व बस ड्राइवर समेत पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में बनारस के एक व्यापारी के लिए संजय ट्रेवल्स की बस के जरिए कुल दो कुंतल चांदी भेजी जा रही थी, जिसमें से मिलीभगत करके करीब 48 किलो चांदी रास्ते में ही लूट ली गई थी।

शातिर बदमाशों ने इस वारदात को इटावा के पास एक सफारी गाड़ी का इस्तेमाल कर अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16 किलो चांदी, चार मोबाइल फोन, दो लग्जरी गाड़ियां (जिनमें महिंद्रा एक्सयूवी कार भी शामिल है) और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इस पूरे मामले का सूत्रधार गोविंद गुप्ता से पूछताछ के बाद मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

​संजय ट्रेवल्स की बस को बनाया गया था निशाना

एडीसीपी मनोज कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चांदी लूटकांड की यह पूरी साजिश बेहद शातिर तरीके से रची गई थी। जांच में यह बात सामने आई कि बनारस के व्यापारी के लिए भेजी जाने वाली चांदी के कट्टे आमतौर पर बस की सीट के नीचे छुपाकर या रखकर ले जाए जाते थे। इस अंदरूनी व्यवस्था और रूट की पूरी जानकारी रखने वाले एक पूर्व बस ड्राइवर ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस सनसनीखेज चोरी की रूपरेखा तैयार की थी।

योजना के मुताबिक, इटावा के पास एक सफारी गाड़ी से बस का पीछा किया गया और मौका पाकर बस से करीब 48 किलो चांदी निकाल ली गई। जब 27 तारीख को गंतव्य पर चांदी की खेप रिसीव की गई, तब जाकर इस बड़े पैमाने पर हुई हेराफेरी और चोरी का मामला सामने आया। इसके बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से सुराग जुटाने शुरू किए।

मध्य प्रदेश में चांदी गलवाने की थी योजना

पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि आरोपियों ने लूटी गई चांदी को ठिकाने लगाने के लिए उसे मध्य प्रदेश ले जाकर गलवाने की योजना बनाई थी, ताकि उसकी पहचान न हो सके। हालांकि, पुलिस ने समय रहते दबिश देकर आरोपियों के पास से 16 किलो चांदी बरामद कर ली है। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त गाड़ियां, मोबाइल और नकदी भी जब्त कर ली गई है।

इस गिरोह के खुलासे में गोविंद गुप्ता से हुई कड़ाई से पूछताछ ने अहम भूमिका निभाई, जिसके जरिए मुख्य आरोपियों और बैजनाथ समेत अन्य संलिप्त लोगों के नाम सामने आए। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे और बाकी की चांदी कहां छिपाई गई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh