आगरा में करवाचौथ पर मौसम का साया: बादलों के पहरे और बारिश के अलर्ट के बीच चांद का इंतजार करेंगी सुहागिनें

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आगरा: सुहागिनों के सबसे पावन पर्व करवाचौथ के अवसर पर आगरा में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार सुबह से ही शहर के आसमान पर घने बादलों ने डेरा जमा रखा है और तड़के से ही हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आगरा जिले में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत दिन में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बूंदाबांदी की आशंका जताई गई है। ऐसे में पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला व्रत रख रहीं महिलाओं को मौसम की अनिश्चितता के बीच रात में चांद का इंतजार करना होगा।

​चंद्र दर्शन में आ सकती है बाधा, 30 अक्टूबर तक छाए रहेंगे बादल

​करवाचौथ पर दिनभर विधि-विधान से पूजा और व्रत की तैयारियों के बाद शाम को महिलाओं की निगाहें पूरी तरह आसमान में चंद्रमा के उदय पर टिकी रहेंगी। हालांकि, घने बादलों की मौजूदगी और संभावित बारिश के चलते इस बार चंद्र दर्शन में बाधा आ सकती है।

​मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को आगरा के आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की संभावना है। 31 अक्टूबर से मौसम पूरी तरह साफ होने का अनुमान जताया गया है, जिसके बाद धूप खिलेगी और बारिश का दौर थमेगा।

​तापमान का हाल: दिन का पारा 33 डिग्री, रात में ठंडक बढ़ने के आसार

​बदलते मौसम के बीच आगरा के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी के साथ यह 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा (जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है)। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश और ठंडी हवाओं के चलते आने वाले दो-तीन दिनों में दिन और रात के तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे सुबह-शाम ठंड का असर बढ़ेगा। 31 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान 18 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।

​निर्जला व्रत और पूजा की तैयारियां पूरी, नवविवाहिताओं में खासा उत्साह

मौसम के बदले मिजाज के बावजूद आगरा के बाजारों और घरों में करवाचौथ का उत्साह देखते ही बन रहा है। सुबह तड़के सरगी का सेवन करने के बाद महिलाओं ने अपना कठिन निर्जला व्रत शुरू किया। शहर के प्रमुख बाजारों में करवा, छलनी, सींक, पूजा सामग्री, मिठाइयों और पारंपरिक शृंगार के सामान की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ी।

विशेष रूप से नवविवाहिताओं में अपने पहले करवाचौथ को लेकर गहरा उत्साह नजर आ रहा है। महिलाएं सोलह शृंगार कर शाम को करवाचौथ माता की पूजा करेंगी और व्रत कथा सुनेंगी। परंपरा के अनुसार, रात में चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देकर और छलनी से चांद व पति का दीदार कर महिलाएं जल ग्रहण करेंगी। हालांकि, बादलों की ओट में चांद कब और कैसे दिखेगा, इसे लेकर सभी के बीच उत्सुकता और बेचैनी बनी हुई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh