यूपी राज्यसभा चुनाव: समाजवादी पार्टी नहीं उतारेगी तीसरा उम्मीदवार, अखिलेश यादव बोले- ‘हमारी निगाह तीन पर नहीं, 403 पर है’

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उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आगामी राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने अपना तीसरा प्रत्याशी मैदान में न उतारने का रणनीतिक फैसला किया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक अहम पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि ‘अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।’

इस सियासी ऐलान के साथ ही यह लगभग पूरी तरह साफ हो गया है कि अब सपा के दोनों उम्मीदवार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सभी आठ प्रत्याशी निर्विरोध रूप से उच्च सदन के लिए चुन लिए जाएंगे। आगामी 9 अक्टूबर को नाम वापसी की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले समाजवादी पार्टी की ओर से अपने दो राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान किया गया था, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज लखवानी के नाम शामिल थे। माना जा रहा था कि संख्याबल के फेर में सपा तीसरे उम्मीदवार को उतारने पर विचार कर सकती है, लेकिन पार्टी ने अंततः इस पर अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।

​ओपी राजभर का तीखा तंज: ‘टांय-टांय फिस्स’

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस अप्रत्याशित फैसले के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के इस कदम पर करारा तंज कसा है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा​”मित्र अखिलेश जी, बस हो गया टांय-टांय फिस्स! वैसे कभी-कभी ही सही, आप कुछ समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं, जैसे आज किया। रही बात 403 की, तो बस यही कहूंगा कि सपने देखना बुरी बात नहीं है।”

ओपी राजभर के इस तीखे कटाक्ष ने राज्य की सियासी सरगर्मी को और अधिक बढ़ा दिया है। बहरहाल, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा के इस कदम से आगामी चुनाव में क्रॉस वोटिंग के खतरे से बचने और अपने दोनों उम्मीदवारों की सुरक्षित जीत सुनिश्चित करने की रणनीति साफ झलती है।

Dr. Bhanu Pratap Singh