आगरा: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर हुए उग्र प्रदर्शन और विवादित मामले में जेल में बंद छह कांग्रेस नेताओं को अदालत से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को सभी आरोपी नेता जमानत मिलने के बाद जिला कारागार से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया और जुलूस निकाला। इस दौरान नारेबाजी को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर तीखी नोकझोंक और गहमागहमी देखने को मिली। यह पूरा प्रकरण बीते 28 सितंबर का है, जब एसआईआर (SIR) के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता विजयनगर कॉलोनी स्थित सीईसी के पैतृक आवास पर पहुंचे थे और गेट पर काले पेंट से अमर्यादित शब्द लिखने का आरोप लगा था।
कोर्ट ने हटाईं हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं
मामला थाना हरीपर्वत क्षेत्र की विजयनगर कॉलोनी का है। यहां सीईसी ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव, मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर समेत छह आरोपियों ने अदालत में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। सीजेएम शारिब अली ने धाराओं में सात साल से कम सजा का प्रावधान होने पर आरोपियों को रिहा करने के आदेश दिए। कोर्ट ने विवेचक को धारा 109 (2) लगाए जाने के साक्ष्यों के बारे में जांच पूरी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। शनिवार को विवेचक साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसके बाद कोर्ट ने धारा 109 (2) हत्या की कोशिश और 121 (2) सरकारी कर्मचारी चोट पहुंचाने की धारा को हटा दिया।
28 सितंबर को हुआ था विवादित प्रदर्शन
यह मामला 28 सितंबर का है। आरोप है कि कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर पहुंचे थे। यहां एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घर के गेट पर काले पेंट से अमर्यादित शब्द लिखे और नारेबाजी की। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया गया था।
20 अज्ञात लोगों पर भी दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस ने मामले में अनिल यादव, मुकेश धनगर, राजेश, मनोज गौड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा और राजा गौतम को नामजद किया था। इनके अलावा 20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में हत्या का प्रयास, अराजकता फैलाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसी कई धाराएं लगाई गई थीं।
इन छह नेताओं को मिली औपचारिक जमानत
जमानत पाने वालों में आजमगढ़ के थाना सिधारी के गांव शाहबाजपुर और हाल निवासी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में 13/बी सेक्टर 14 वृंदावन योजना निवासी अनिल यादव, मथुरा के कोतवाली थाना क्षेत्र के जनकपुरी मोहाली रोड निवासी मुकेश धनगर, सहमलपुरा की होली वाली गली निवासी मनोज गौड़, यमुनापार थाना क्षेत्र के ग्राम नगला पोला निवासी राजेश कुमार, पटलोनी निवासी राजा गौतम और थाना बल्देव के गांव हथौड़ा निवासी पंकज चौधरी शामिल हैं।
जेल से रिहा होने के बाद कार्यकर्ताओं के उमड़े हुजूम और पुलिस के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने एक बार फिर इस राजनीतिक मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
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