लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इन दिनों सियासी पोस्टर वार का मुख्य केंद्र बनी हुई है। यहां राजधानी की सड़कों और राजनीतिक दिग्गजों के आवासों के बाहर पोस्टरों के जरिए जुबानी जंग और राजनीतिक संदेश देने का दौर तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी आवास के बाहर एक नया और बेहद चर्चा का विषय बना पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर के माध्यम से ‘पीडीए’ (PDA) के संदेश को एक नए और अनूठे अंदाज में समाज के बीच पहुंचाने की कोशिश की गई है।
पोस्टर के जरिए जातियों को साधने का संदेश
अखिलेश यादव के आवास के बाहर चस्पा किए गए इस पोस्टर पर लिखा गया है “ब्राह्मण राह दिखाएंगे, केवट पार लगाएंगे, पीडीए की सरकार बनवाएंगे।” यह सनसनीखेज पोस्टर चंद्र कुमार मिश्रा और जय हिंद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंद लाल निषाद की ओर से लगवाया गया है।
इस पोस्टर की खास बात यह है कि इसमें दोनों नेता सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ ‘पीडीए परिवार’ की एक प्रतीकात्मक नाव पर सवार दिखाए गए हैं। पोस्टर के चित्रों के अनुसार, चंद्र कुमार मिश्रा नाव को दिशा दिखाते (राह सुझाते) हुए नजर आ रहे हैं, जबकि नंद लाल निषाद चप्पू चलाकर नाव को आगे बढ़ा रहे हैं।
क्या है सपा का पीडीए फॉर्मूला?
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘PDA’ का राजनीतिक नारा दिया था। शुरुआती दौर में उन्होंने पीडीए का अर्थ पिछड़ा (P), दलित (D) और अल्पसंख्यक (A) बताया था। हालांकि, इसके बाद आने वाले चुनावों और रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए सपा प्रमुख ने पीडीए के दायरे को और व्यापक करते हुए इसमें ‘पंडित’ (ब्राह्मण) वर्ग को भी शामिल करने की बात कही थी, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में खासा विरोधियों के निशाने पर भी रहना पड़ा था। अब इस नए पोस्टर के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर से जातिगत समीकरणों और बयानों का दौर तेज होने की पूरी संभावना है।
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