आगरा के किरावली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चैंकोरा में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शनिवार को खारी नदी के समीप पशुओं को चराने के दौरान नदी में फैली अत्यधिक जलकुंभी में फंसने से 18 दुधारू भैंसों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव में शोक और गहरी चिंता का माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित पशुपालक परिवारों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की जैसे ही सूचना मिली, फतेहपुर सीकरी के लोकसभा सांसद राजकुमार चाहर तुरंत रविवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और सीधे तौर पर पीड़ित पशुपालक परिवारों से मुलाकात की। इस दुख की घड़ी में सांसद ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए उन्हें हरसंभव सहायता मुहैया कराने का पूरा भरोसा दिलाया।
मौके पर मौजूद पत्रकारों और अधिकारियों से बातचीत करते हुए सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, पीएसी (PAC) की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक कुल 18 मृत भैंसों में से 8 भैंसों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है, जबकि नदी के गहरे पानी और घनी जलकुंभी में फंसी बाकी शेष भैंसों को भी बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस दुर्घटना में जिन पशुपालकों का नुकसान हुआ है, उनमें ग्राम चैंकोरा निवासी कमल बघेल की 12 दुधारू भैंसों की मौत हुई है, जबकि वीरेंद्र सिंह बघेल की 6 दुधारू भैंसें इस हादसे की शिकार बनी हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की मौत हो जाने के कारण दोनों गरीब पशुपालक परिवारों को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंची है, क्योंकि ये पशु ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन थे।
घटनास्थल पर ही सांसद ने उपजिलाधिकारी (SDM) किरावली, एसीपी (ACP) अछनेरा, थाना पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे राहत एवं बचाव कार्य में और अधिक तेजी लाएं। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे पीड़ित परिवारों को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से नियमानुसार हर संभव आर्थिक सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करें। सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि यह घटना पशुपालक परिवारों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है क्योंकि दुधारू पशु ही उनके जीवनयापन का अहम जरिया होते हैं।
उन्होंने पीड़ित परिवारों को पूर्ण विश्वास दिलाया कि संकट के इस कठिन समय में देश-प्रदेश की सरकार और पूरा प्रशासन उनके साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है तथा उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। फिलहाल प्रशासनिक अमला, पीएसी के जवान और ग्रामीण मिलकर नदी से शेष मृत भैंसों को बाहर निकालने के अभियान में जुटे हुए हैं।
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