आगरा में रिश्तों के भरोसे पर बड़ा धोखा: मुंहबोला भाई बनकर नोएडा की महिला सिपाही के परिवार से जमीन में निवेश के नाम पर ठगे 8.50 लाख रुपये

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आगरा। ताजनगरी आगरा में आपसी संबंधों और भरोसे की आड़ में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। नोएडा पुलिस में तैनात एक महिला कांस्टेबल के साथ दोस्ती गांठने के बाद एक शातिर युवक ने खुद को उसका मुंहबोला भाई बताया और धीरे-धीरे पूरे परिवार का विश्वास जीत लिया। आरोप है कि पारिवारिक कार्यक्रमों और मेल-जोल में शामिल होने के बाद उसने जमीन में मुनाफे का लालच देकर परिवार से कुल 8.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। इतना ही नहीं, उसके परिजनों पर गंदी गालियां देने और जान से मारने की धमकियां देने के भी गंभीर आरोप लगे हैं।

स्थानीय थानों में सुनवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब अदालत के सख्त आदेश पर थाना शाहगंज पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कुल सात नामजद लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

​महिला सिपाही से दोस्ती कर परिवार में बनाई भाई जैसी जगह

यह पूरा घटनाक्रम थाना शाहगंज क्षेत्र के पथौली इलाके से जुड़ा हुआ है। यहाँ की निवासी कुसुमलता ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पुत्री नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में आरक्षी (कांस्टेबल) के पद पर तैनात है। ड्यूटी के दौरान ही उसकी पहचान गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले सुनील कुमार से हुई थी, जो धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदल गई। आरोप है कि सुनील ने खुद को महिला सिपाही का मुंहबोला भाई घोषित कर दिया।

​पीड़ित परिवार के अनुसार, सुनील ने केवल सिपाही बेटी से ही नहीं, बल्कि उसके माता-पिता और अन्य सदस्यों से भी बेहद नजदीकियां बढ़ा ली थीं। वह अपने परिवार के साथ महिला कांस्टेबल की सगाई और शादी जैसे आयोजनों में भी सक्रिय रूप से शामिल हुआ। इससे सिपाही और उनके परिवार का उस पर अटूट विश्वास बैठ गया। सुनील का घर आना-जाना आम हो गया था, और किसी को भी इस बात का आभास नहीं था कि यह कृत्रिम भरोसा भविष्य में इतनी बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी का कारण बनेगा।

​जेवर में जमीन खरीदने का दिया लालच

​शिकायतकर्ता कुसुमलता के बयानों के मुताबिक, जनवरी 2024 के पहले सप्ताह में सुनील उनके घर आया था। उसने बड़े ही शातिर तरीके से बताया कि उसने जेवर क्षेत्र में 0.1960 हेक्टेयर जमीन का सौदा किया है। उसने परिवार को समझाया कि यदि वे इस जमीन के कारोबार में निवेश करेंगे, तो उन्हें बहुत कम समय में भारी मुनाफा मिलेगा। परिवार ने उसके साथ पहले से बने मजबूत भरोसे के कारण इस निवेश प्रस्ताव पर अपनी रजामंदी दे दी।

​आरोप है कि 26 नवंबर 2025 को सुनील ने जमीन के सौदे के नाम पर दो लाख रुपये नकद ले लिए। इसके एवज में उसने 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर भी करवाए। इसके पश्चात, अलग-अलग तारीखों और अवसरों पर चेक के माध्यम से भी धनराशि ली जाती रही। अगस्त 2026 में कुसुमलता के बेटे और बेटी से भी विभिन्न किस्तों में रकम ली गई। इस प्रकार धीरे-धीरे करके शातिर ने परिवार से कुल 8.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। परिवार को पूरी उम्मीद थी कि इस निवेश से उन्हें अच्छा प्रतिफल मिलेगा, लेकिन जब तय समय पर रकम वापसी की बात आई, तो आरोपी के तेवर पूरी तरह बदल गए।

​रुपये मांगने पहुंची महिला के दरवाजे पर जड़ा ताला

​कुसुमलता का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने अपनी पूंजी वापस मांगनी शुरू की, तो सुनील ने उनके फोन कॉल्स रिसीव करना बंद कर दिया। जब वे अपनी रकम तकादा करने उसके घर पहुँचीं, तो आरोपी ने घर का दरवाजा तक नहीं खोला। इसके बाद जब फोन के अन्य माध्यमों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो सुनील के बेटे उत्सव उर्फ राजा तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें झूठे मुकदमों में उलझाने की धमकी दी और जान से मारने की चेतावनी देते हुए दोबारा पैसे मांगने पर गंभीर परिणाम भुगतने का दबाव बनाया। स्थानीय पुलिस स्तर पर कोई संतोषजनक कार्रवाई न होने के कारण परिवार ने अदालत का रुख किया।

​न्यायालय के आदेश पर सात लोगों पर मुकदमा दर्ज

अदालत के हस्तक्षेप और सख्त आदेश के बाद थाना शाहगंज पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी सुनील कुमार, उसकी पत्नी रितु, पुत्र उत्सव उर्फ राजा, पुत्री टीना, ग्रेटर नोएडा निवासी अशोक, अर्चना देवी और प्रदीप कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस संबंध में एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गई है। प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे मामले में वित्तीय लेनदेन के साक्ष्यों, जमीन के खरीद-फरोख्त के दावों और अन्य सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh