आगरा। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के अंतिम दिन रविवार को ताजनगरी आगरा की यातायात व्यवस्था अभ्यर्थियों के भारी जनसैलाब के आगे पूरी तरह बेपटरी हो गई। शहर भर में बनाए गए 49 परीक्षा केंद्रों पर जैसे ही परीक्षा समाप्त हुई, प्रमुख सड़कों पर अचानक वाहनों का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। पहली पाली की परीक्षा छूटते ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा, जिससे शहर के कई प्रमुख इलाकों में भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई।
महात्मा गांधी (एमजी) रोड पर आगरा कॉलेज के सामने स्थिति सर्वाधिक विकट रही, जहां वाहनों की करीब एक किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। सामान्य दिनों में महज दो मिनट में तय होने वाली दूरी को पार करने में राहगीरों को 10 से 12 मिनट तक का मशक्कत भरा समय गंवाना पड़ा।
एमजी रोड पर वाहनों के लंबे हुजूम के बीच मरीजों को ले जा रही एक एंबुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा। यातायात पुलिसकर्मी लगातार सड़कों पर मुस्तैद रहकर यातायात को सुचारू कराने और जाम खुलवाने के प्रयास में जुटे रहे, परंतु सड़कों पर गाड़ियों का दबाव इतना अधिक था कि हालात सामान्य होने में काफी वक्त लग गया।
49 केंद्रों पर 45,552 अभ्यर्थियों की थी व्यवस्था
गौरतलब है कि रविवार को आगरा के 49 परीक्षा केंद्रों पर कुल 45,552 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया था। दोनों पालियों (प्रथम पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे एवं द्वितीय पाली दोपहर 3 से शाम 5 बजे) में 22,776-22,776 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा की निष्पक्षता और निगरानी बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा 49 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 49 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। यद्यपि जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों की आवाजाही और यातायात सुचारू रखने के लिए पहले से दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन धरातल पर इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
एमजी रोड पर प्रतिबंध के बावजूद दौड़ते रहे ऑटो
जाम की एक मुख्य वजह एमजी रोड पर ऑटो चालकों की मनमानी भी रही। जिलाधिकारी के सख्त आदेशों और एमजी रोड पर ऑटो संचालन प्रतिबंधित होने के बावजूद चालकों ने बेखौफ होकर सड़क किनारे वाहन रोक-रोक कर सवारियां बैठाना और उतारना जारी रखा। इसके चलते पीछे आ रहे वाहनों की गति पूरी तरह रुक गई और जाम ने विकराल रूप ले लिया। संवेदनशील परीक्षा ड्यूटी के बीच प्रतिबंधित मार्ग पर अनियंत्रित ऑटो संचालन ने प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
सिकंदरा से भगवान टॉकीज तक थम गई वाहनों की रफ्तार
पीईटी के अंतिम दिन ट्रैफिक का असर केवल एमजी रोड तक सीमित नहीं रहा। सिकंदरा चौराहा, आईएसबीटी, बेलनगंज, घटिया आजम खां और भगवान टॉकीज चौराहे पर भी परीक्षा खत्म होते ही वाहनों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दीं। परीक्षा केंद्रों के आसपास से एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों के निकलने से दोपहिया, चारपहिया और सार्वजनिक परिवहन की रफ्तार एकदम थम गई।
परीक्षा समाप्त होने के बाद पैदा हुई इस स्थिति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बड़े आयोजनों के दौरान शहर में ठोस और कड़े यातायात प्रबंधन की सख्त जरूरत है, विशेषकर एमजी रोड जैसे नो-ऑटो ज़ोन में प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन कराया जाना बेहद आवश्यक है।
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