आगरा: देवोत्थान एकादशी के साथ ही शुरू होने वाले आगामी रंगारंग वैवाहिक सीजन को ध्यान में रखते हुए ताजनगरी आगरा में यातायात प्रबंधन, आयोजन स्थलों की सुरक्षा और वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों की व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर पुलिस प्रशासन के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। ‘वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश’ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस लाइन स्थित प्रशांत मेमोरियल सभागार में आयोजित ‘व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ’ की बैठक में हिस्सा लिया।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एडीसीपी (प्रोटोकॉल) एवं नोडल अधिकारी (व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ) राजकुमार सिंह से मुलाकात कर अपनी तमाम ज्वलंत समस्याओं से विस्तार से अवगत कराया तथा शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक मांग पत्र सौंपा।
इस बैठक में विशेष रूप से फतेहाबाद रोड, शास्त्रीपुरम और सिकंदरा जैसे शहर के प्रमुख व व्यस्त इलाकों में विवाह समारोहों के दौरान लगने वाले भीषण जाम, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहने वाली नो-एंट्री व्यवस्था से माल वाहक वाहनों की ढुलाई में आने वाली अड़चनें, पार्किंग प्रबंधन, चोरी-चकारी की आशंकाओं और मैरिज होम परिसरों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता के साथ उठाया गया। एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि लगन का सीजन शुरू होने से पहले ही एक ठोस व प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जाए।
प्रमुख मार्गों और मैरिज होम के आसपास जाम से निपटने की उठी मांग
शादियों के सीजन में शहर की मुख्य सड़कों, चौराहों और मैरिज होम के इर्द-गिर्द वाहनों का दबाव अचानक कई गुना बढ़ जाता है। बारात के जुलूस, अतिथियों की गाड़ियों और वेंडर्स की आवाजाही के कारण कई इलाकों में घंटों यातायात ठप होने का डर बना रहता है, जिससे न केवल वैवाहिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोग बल्कि आम शहरवासी भी खासे परेशान होते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से फतेहाबाद रोड, शास्त्रीपुरम और सिकंदरा जैसे इलाकों में विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
संगठन ने मांग रखी कि विवाह सीजन के दौरान चिन्हित संवेदनशील मार्गों व चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही मैरिज होम के आसपास वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम हों। एसोसिएशन ने यह भी जोड़ा कि देर रात जब समारोह संपन्न होते हैं, उस वक्त एक साथ सड़क पर आने वाले वाहनों की सुचारु व सुरक्षित निकासी के लिए भी विशेष रणनीति बनाई जानी चाहिए।
रात की नो-एंट्री में राहत और विशेष पास की मांग
व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक रात के वक्त सामान की आवाजाही पर लगी रोक रही। एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी शिरीष सिन्हा ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि शादी-विवाह के आयोजनों में कैटरर्स, डेकोरेटर्स, लाइट वाले, साउंड सिस्टम और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को तय समय पर वेन्यू तक भारी-भरकम सामान पहुंचाना होता है। हालांकि, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू नो-एंट्री व्यवस्था के कारण मालगाड़ियां फंस जाती हैं, जिससे पूरे आयोजन की तैयारियां प्रभावित होती हैं और अंतिम समय में भारी अव्यवस्था फैल जाती है।
शिरीष सिन्हा ने पुरजोर मांग की कि आवश्यक सामान ढोने वाले वाहनों के लिए नियमानुसार विशेष पास या अनुमति की व्यवस्था लागू की जाए। इससे नियमों के दायरे में रहकर सामान समय पर पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा, उन्होंने एमजी रोड पर भी आवश्यकतानुसार वेंडर्स के वाहनों के प्रवेश और आवागमन के लिए एक व्यावहारिक व ढील वाली व्यवस्था बनाने की मांग रखी ताकि व्यवसायियों को बेजह की प्रताड़ना न झेलनी पड़े।
मैरिज होम का नियमित निरीक्षण और सुरक्षा तंत्र मजबूत करने की सिफारिश
आयोजन स्थलों की सुरक्षा पर मंथन करते हुए एसोसिएशन ने कहा कि शादी समारोहों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और सोने-चांदी के गहनों व कैश की मौजूदगी के कारण अपराधी तत्व भी सक्रिय रहते हैं। ऐसे में मैरिज होम, होटल और रिजॉर्ट्स के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम जरूरी हैं।
शिरीष सिन्हा ने कहा कि स्थानीय पुलिस और मैरिज होम संचालकों के बीच आपसी समन्वय होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्रीय चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित मैरिज होम का नियमित निरीक्षण करें और वहां सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं व सीसीटीवी कैमरों का जायजा लें।
एसोसिएशन के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य संदीप सिकरवार ने समारोहों के दौरान चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी और गश्त बढ़ने से अपराधियों में खौफ रहेगा और मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
सीजन से पहले संयुक्त समन्वय बैठक और नोडल अधिकारी का सुझाव
संदीप सिकरवार ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि हर शादी के सीजन की शुरुआत से पहले पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, मैरिज होम एसोसिएशन और वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की एक साझा समन्वय बैठक आयोजित होनी चाहिए। इससे यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और सामान की ढुलाई जैसे मसलों पर पहले ही रणनीति बनाई जा सकेगी। कार्यकारिणी सदस्य संस्कार शर्मा ने भी सभी पक्षों के बीच निरंतर संवाद पर बल दिया।
इसके साथ ही, एसोसिएशन के एडमिनिस्ट्रेटर अनिल सविता ने समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक समर्पित नोडल अधिकारी नामित करने का सुझाव दिया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि एक निश्चित संपर्क अधिकारी उपलब्ध रहेगा, तो कैटरर्स, डेकोरेटर्स व मैरिज होम संचालक अपनी शिकायतें व जरूरतें सीधे उन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
पुलिस प्रशासन का सकारात्मक रुख और सहयोग का आश्वासन
वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल की बातों, मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनने के बाद एडीसीपी (प्र०) व नोडल अधिकारी (व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ) राजकुमार सिंह ने आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन वैवाहिक सीजन में यातायात और सुरक्षा दोनों को चाक-चौबंद रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन व्यापारियों के साथ खड़ा है और आपसी समन्वय से समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा।
इस बैठक में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) अमित कुमार और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र कुमार सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में यातायात प्रबंधन, नो-एंट्री छूट, फायर सेफ्टी और पुलिस-व्यापारी समन्वय जैसे तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
व्यापारियों के साथ आम जनता को भी मिलेगी बड़ी राहत
वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन ने विश्वास जताया कि पुलिस प्रशासन की इस सकारात्मक पहल से आगामी लगन के सीजन में ताजनगरी की सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और आयोजनों में सुरक्षा का माहौल बनेगा। संगठन का मानना है कि यदि शहर के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक कंट्रोल में रहेगा, पार्किंग व्यवस्थित होगी और वेंडर्स का सामान समय से पहुंचेगा, तो इससे न सिर्फ शादी-ब्याह से जुड़े कारोबारियों को मदद मिलेगी बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाले आम नागरिकों को भी सड़कों पर राहत मिल सकेगी।
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