आगरा में अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का भंडाफोड़, 221 सिम कार्ड और 96 रेडियो एंटीना बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

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आगरा। साइबर ठगी के खिलाफ चल रही मुहिम में आगरा पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। साइबर क्राइम पुलिस, एसओजी, सर्विलांस टीम और दूरसंचार विभाग ने मिलकर एक कथित अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने बीवी एंटरप्राइजेज के परिसर में दबिश देकर आमिर सैफी और मनीष को गिरफ्तार कर लिया। मौके से भारी तादाद में सिम कार्ड, सिम बॉक्स, रेडियो एंटीना, लैपटॉप, सर्वर और दूसरे नेटवर्किंग उपकरण जब्त किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती पड़ताल में इस नेटवर्क के जरिए संदिग्ध दूरसंचार गतिविधियां चलाए जाने की बात सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि लोन रिकवरी के नाम पर लोगों को धमकाने और साइबर फ्रॉड से जुड़े तथ्य भी इस मामले से जुड़ रहे हैं। अब पुलिस यह खंगाल रही है कि नेटवर्क का उपयोग किन-किन कामों में हो रहा था और इसके पीछे कितने लोग सक्रिय थे।

8 सिम बॉक्स, 221 सिम कार्ड और 96 रेडियो एंटीना बरामद

संयुक्त टीम ने बीवी एंटरप्राइजेज में की गई कार्रवाई के दौरान 8 सिम बॉक्स, 221 सिम कार्ड और 96 रेडियो एंटीना अपने कब्जे में लिए। इनके अलावा 5 लैपटॉप, एक डेल सर्वर और कई नेटवर्किंग उपकरण भी जब्त किए गए हैं। जांच में पता चला कि एक सिम बॉक्स में 32 सिम लगाने की क्षमता थी। इस तरह के उपकरणों से बड़ी संख्या में मोबाइल सिम को एक साथ नेटवर्क से जोड़कर कॉल और दूसरी दूरसंचार गतिविधियां चलाई जा सकती हैं। पुलिस बरामद उपकरणों और सिम कार्डों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि उनके इस्तेमाल और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी मिल सके।

31 संदिग्ध नंबरों से खुला नेटवर्क का राज

जांच के दौरान पुलिस को 31 संदिग्ध मोबाइल नंबरों के बारे में इनपुट मिले थे। इन नंबरों की गतिविधियों और तकनीकी ब्योरे को खंगालने पर कथित अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का सुराग हाथ लगा। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस, एसओजी, सर्विलांस और दूरसंचार विभाग की टीमों ने साझा कार्रवाई की। अब जांच एजेंसियां बरामद सिम कार्डों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डेटा टटोल रही हैं। कोशिश यह पता लगाने की है कि इन सिम के जरिए किन लोगों से संपर्क साधा जाता था और किस तरह की कॉलिंग या अन्य साइबर गतिविधियां की जा रही थीं।

लोन रिकवरी के नाम पर धमकाने के भी आरोप

शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार लोन रिकवरी के बहाने लोगों को डराने-धमकाने और साइबर ठगी से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच पूरी होने पर नेटवर्क के संचालन और कथित साइबर गतिविधियों की तस्वीर और साफ हो जाएगी।

नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश

पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस जानना चाहती है कि सिम बॉक्स नेटवर्क किसके इशारे पर चलाया जा रहा था, सिम कार्ड कहां से जुटाए गए और इस पूरे सेटअप में और कौन-कौन शामिल था। जांच में यह जानकारी भी मिली है कि नेटवर्क से जुड़ा एक और दफ्तर किसी दूसरे जनपद में चलने की बात सामने आ रही है। पुलिस इस सूचना की पुष्टि कर रही है और उस जगह की भूमिका भी परख रही है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से खुलेंगे कई राज

पुलिस ने बरामद लैपटॉप, डेल सर्वर और बाकी नेटवर्किंग उपकरणों को जांच के दायरे में ले लिया है। इनमें मौजूद डेटा, कॉलिंग से जुड़ी जानकारी, सिम कार्डों के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाला जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच अभी चल रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका उजागर होने पर उन पर भी कार्रवाई होगी। फिलहाल थाना साइबर क्राइम, आगरा में दर्ज मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh