आगरा के कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में बलराम पूर्णिमा महोत्सव पूरी श्रद्धा, उल्लास और अगाध भक्तिभाव के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में हुई विशेष पूजा-अर्चना, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के पंचामृत एवं पंचगव्य अभिषेक, भगवान बलराम की जन्म से लेकर विवाह तक की विभिन्न लीलाओं की कथा तथा मंत्रमुग्ध कर देने वाले हरिनाम संकीर्तन ने पूरे मंदिर के माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया।
सतरंगी और fragrant फूलों से सजाए गए भव्य फूल बंगले में विराजमान भगवान के अलौकिक दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ‘हरे राम, हरे कृष्णा’ के दिव्य संकीर्तन पर उपस्थित भक्त पूरी तरह भक्ति में विभोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए।
महोत्सव के इस पावन अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। पूरे मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक रोशनी से भव्य ढंग से सजाया गया। विद्वान आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्रीकृष्ण और बलराम जी का पवित्र पंचामृत एवं पंचगव्य से अभिषेक संपन्न हुआ। पूरी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के पश्चात भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन देवी सुभद्रा और भाई बलभद्र का अति मनोहर श्रृंगार किया गया। इन तीनों ही दिव्य विग्रहों को बेहद आकर्षक आसमानी रंग की पारंपरिक पोशाक धारण कराई गई थी।
मंदिर के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान बलराम की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए उनके जन्म से लेकर विवाह तक की विभिन्न प्रेरणादायक लीलाओं की कथा सुनाई। उन्होंने भगवान बलराम के पराक्रमी स्वरूप और श्रीकृष्ण की लीलाओं में उनके अहम महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान बलराम मुख्य रूप से शक्ति, सेवा और धर्म के सर्वोच्च प्रतीक हैं।
फूल बंगला और हरिनाम संकीर्तन बना मुख्य आकर्षण
मंदिर परिसर के भीतर सतरंगी फूलों से एक अत्यंत भव्य फूल बंगला सजाया गया था। विभिन्न प्रकार के देशी-विदेशी फूलों की गई इस कलात्मक सजावट ने मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। इस फूल बंगले में विराजमान भगवान के मनोहारी और दिव्य दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही।
इस पूरे महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण मन को मोह लेने वाला हरिनाम संकीर्तन रहा। ‘हरे राम, हरे कृष्णा’ के महामंत्र के संकीर्तन में सभी श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति के सागर में डूबे नजर आए। मृदंग, ढोलक और करताल की थाप पर भक्त झूमते और नृत्य करते रहे। इस संकीर्तन के दौरान पूरा मंदिर परिसर गगनभेदी हरिनाम के जयघोष से गूंजता रहा।
अभिषेक और श्रृंगार के उपरांत भगवान की भव्य आरती की गई, जिसके बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस संपूर्ण आयोजन के दौरान कमला नगर का यह मंदिर परिसर भक्ति, उल्लास और एक दिव्य आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत रहा।
इस धार्मिक और सांस्कृतिक अवसर पर नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, संजीव बंसल, शैलेश बंसल, संजय कुकरैजा, राजेश मल्होत्रा, संजीव मित्तल, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश, देव केशव और अदिति गौरांगी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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