आंबेडकर विवि के संस्कृति भवन में एबीवीपी का ‘उभरता भारत, नई आशाएं’ कार्यक्रम, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में जुटने की अपील

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आगरा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) आगरा महानगर की ओर से 13 अक्टूबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन में ‘उभरता भारत, नई आशाएं’ शीर्षक से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भर भारत, आधुनिक शिक्षा प्रणाली और वैश्विक मंच पर भारत की लगातार बढ़ती साख जैसे दूरगामी विषयों पर गंभीर विचार व्यक्त किए गए। मंच पर मौजूद विद्वानों व वक्ताओं ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करते हुए देश के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का पुरजोर आह्वान किया।

कार्यक्रम का मुख्य ध्येय एबीवीपी के हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान के माध्यम से संगठन के संपर्क में आए नए छात्र-छात्राओं को राष्ट्र, समाज और विद्यार्थी हित से जुड़े मूलभूत विषयों से परिचित कराना रहा। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है।

युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार (इनोवेशन) और दृढ़ संकल्प के बल पर ही भारत को विकास की नई और अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों विपिन गुप्ता, डॉ. मनुप्रताप सिंह, डॉ. शार्दूल मिश्रा, प्रीति बघेल और शिवांग खंडेलवाल द्वारा स्वामी विवेकानंद एवं मां सरस्वती के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

​विद्यार्थी हित से राष्ट्रहित तक की बात करता है विद्यार्थी परिषद: विपिन गुप्ता

एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विपिन गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अपनी स्थापना के समय से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विद्यार्थी हित, समाज हित और देश हित के ज्वलंत विषयों को प्रमुखता से उठाता आ रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं और उनकी प्रशासनिक चुनौतियों को समझते हुए हमेशा उनके अधिकारों के लिए मुखर होकर आवाज उठाता है।

​हाल के समय में चर्चा में रहे पेपर लीक के गंभीर मुद्दे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब किसी प्रतियोगी या अकादमिक परीक्षा में अनियमितता के कारण विद्यार्थियों की पूरे साल की अटूट मेहनत पानी में मिल जाती है, तो उस पीड़ा व दर्द को विद्यार्थी परिषद गहराई से समझता है। इसी छात्र हितैषी सोच के तहत संगठन ने सबसे पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कार्यालय के बाहर ऐतिहासिक आंदोलन किया था।

विपिन गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी हितों से जुड़े आंदोलनों का असली मकसद छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान कराना और शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और देश तथा समाज के प्रति अपने नागरिक दायित्वों को भी समझें।

युवाओं की ऊर्जा से मजबूत होगी भारत की वैश्विक पहचान

विपिन गुप्ता ने देश के वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए कहा कि आज का भारत अपनी सीमाओं के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी एक नई और बेहद सशक्त पहचान बना रहा है। तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे क्षेत्रों में देश की ऐतिहासिक प्रगति युवाओं के लिए नए और बेहतर अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी में देश को नेतृत्व देने की अपार क्षमता विद्यमान है। ऐसे निर्णायक समय में युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, अनुशासन और निष्काम राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।

छात्र राजनीति और युवा आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने मुद्दों पर सजग रहते हुए हमेशा सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने हाल ही में पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी को मिली ऐतिहासिक जीत का उल्लेख किया और इसे संगठन के प्रति देश के करोड़ों युवाओं के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया।

​आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम: डॉ. मनुप्रताप सिंह

​कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए डॉ. मनुप्रताप सिंह ने कहा कि भारत इस समय बदलाव के एक ऐसे ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है, जहां युवा आत्मनिर्भरता, नवाचार और नई असीम संभावनाओं के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह परिवर्तन केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक नए, आत्मविश्वासी और सक्षम भारत के निर्माण की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास आज वैश्विक चुनौतियों का समाधान पेश करने की क्षमता मौजूद है। देश के मेधावी युवाओं को अपनी प्रतिभा और कौशल का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के संतुलित विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत वैश्विक पटल पर और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएगा।

​डॉ. मनुप्रताप सिंह ने आगे कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना तभी पूरी तरह साकार हो सकता है, जब देश का युवा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करे। शिक्षा, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट), अनुसंधान और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से युवा देश की प्रगति में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत और संकल्प के साथ आगे बढ़ें। युवाओं की यही सक्रिय भागीदारी देश को विकास की एक नई दिशा दे सकती है।

​नए छात्र-छात्राओं को राष्ट्र और समाज से जोड़ने की अनूठी पहल

इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई थी कि सदस्यता अभियान के जरिए एबीवीपी से जुड़े नए छात्र-छात्राएं संगठन की विचारधारा, मूल उद्देश्यों और सामाजिक गतिविधियों से भली-भांति अवगत हो सकें। समारोह में विद्यार्थियों को देश के समकालीन विकास, युवा शक्ति की क्षमता और सामाजिक दायित्वों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विद्यार्थी जीवन का अर्थ केवल पढ़ाई और व्यक्तिगत करियर की सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह समय व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का भी है।

​कार्यक्रम की प्रस्तावना व भूमिका एबीवीपी आगरा महानगर मंत्री शिवांग खंडेलवाल ने रखी, जबकि मंच का कुशल व सफल संचालन प्रथम गोयल ने किया।

संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस गरिमामयी कार्यक्रम में एबीवीपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रांत संगठन मंत्री अनुज ठाकुर, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. राजेश लवानिया, विभाग संगठन मंत्री रजत जोशी, पुनीत कुमार, प्रीति बघेल, तपस्या त्रिपाठी, सुमित शर्मा, दीपक कश्यप, नितिन दुबे, रोनित परमार, रचित यादव, शिवम कोहली, विवेक सिंह, भुवनेश उपाध्याय, जितेंद्र चौधरी, हर्ष तोमर, मयंक प्रताप और अश्वनी जाट सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।

कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संवाहक बताते हुए उन्हें सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संदेश दिया।

Dr. Bhanu Pratap Singh