योगी कैबिनेट का बड़ा तोहफा: अब 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मिलेंगी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में लिए गए फैसलों का दायरा महिलाओं के सफर को सुगम बनाने से लेकर बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तक फैला हुआ है। सरकार के इन दूरगामी निर्णयों से प्रदेश की जनता को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।

60 साल से ऊपर की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का तोहफा

​रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक योजना को हरी झंडी दिखाई है। कैबिनेट ने “लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना” को मंजूरी दी है, जिसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की सभी बसों में आजीवन निःशुल्क सफर करने की सुविधा मिलेगी। बस में यात्रा करते समय उम्र की पुष्टि के लिए पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र या अन्य वैध दस्तावेजों का उपयोग किया जाएगा।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को सीधा फायदा पहुंचेगा। हर दिन लगभग 88 हजार महिलाओं के सफर करने का आकलन करते हुए इस कल्याणकारी योजना पर प्रतिमाह करीब 22.5 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने का अनुमान लगाया गया है।

माता-पिता के सम्मान और अधिकारों के लिए सख्त और सरल व्यवस्था

​वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने एक मजबूत और सख्त कानूनी खाका तैयार किया है। इसके तहत एक नए निगम के गठन का निर्णय लिया गया है जो वृद्धजनों की देखरेख की व्यवस्था को मॉनिटर करेगा। यदि कोई संतान अपने बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण करने से कतराती है या उनकी अनदेखी करती है, तो ऐसी स्थिति में उन्हें संपत्ति से बेदखल करने की कानूनी प्रक्रिया को बेहद सरल और प्रभावी बना दिया गया है।

वरिष्ठ नागरिकों की सहायता और शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक समर्पित टोल-फ्री नंबर की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी। यदि प्रशासनिक आदेश के बावजूद संबंधित संतान संपत्ति को खाली नहीं करती है, तो जिला प्रशासन के पास यह अधिकार होगा कि वह महज 30 दिनों के भीतर कड़ी कार्रवाई करते हुए कब्जा मुक्त कराए।

छात्रवृत्ति से वंचित रहे लाखों छात्रों को मिला एक और सुनहरा मौका

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न कारणों से जो छात्र-छात्राएं अपनी छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें एक और मौका देने का बड़ा निर्णय लिया है। इस विशेष राहत से प्रदेश के करीब 3.16 लाख विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। इस पूरी योजना के क्रियान्वयन पर लगभग 591 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे जरूरतमंद छात्रों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

​सुल्तानपुर में बनेगा विशाल औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर

प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को पंख देने के लिए सुल्तानपुर में ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर’ (IMLC) के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 272.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह क्लस्टर आधुनिक औद्योगिक कॉरिडोर योजना के तहत आकार लेगा, जिसके निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए ग्लोबल बिडिंग के माध्यम से पारदर्शी तरीके से एजेंसी का चयन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के धरातل पर उतरने से पूर्वांचल में भारी निवेश आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

पर्यावरण संरक्षण के लिए बेड़े में शामिल होंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए सरकार ने 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर मुहर लगाई है। इस आधुनिक बेड़े को तैयार करने और बुनियादी चार्जिंग ढांचा विकसित करने पर लगभग 425 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन बसों के संचालन से न केवल यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा, बल्कि बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में भी उल्लेखनीय सहायता मिलेगी।

​गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक होगा विस्तार और झांसी लिंक को मंजूरी

​राज्य की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को धार्मिक नगरी हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महापरियोजना पर लगभग 10,761 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बिजनौर से लेकर हरिद्वार तक बढ़ाए जाने वाले इस एक्सप्रेसवे का करीब 100 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश की सीमा में और लगभग 30 किलोमीटर का हिस्सा उत्तराखंड क्षेत्र में रहेगा। इसके निर्माण के संबंध में उत्तराखंड सरकार के साथ औपचारिक एमओयू साइन किया जाएगा, जबकि पड़ोसी राज्य में बनने वाले हिस्से का पूरा वित्तीय खर्च भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ही वहन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय आवागमन को और बेहतर बनाने के वास्ते झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी स्वीकृति दे दी गई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh