योगी की पाती: सीएम ने प्रदेशवासियों को दी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं: कहा— श्रीकृष्ण के संदेशों को जीवन में उतारकर विकसित उत्तर प्रदेश का करें निर्माण

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस पावन अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को अपने जीवन में पूरी तरह उतारते हुए एक विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन लोक कल्याणकारी शासन की मूल भावना की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने, प्रतिभाशाली युवाओं को रोजगार, अन्नदाता किसानों को संबल और बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की जरूरत

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण कुल या कुलीनता के नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के सच्चे प्रतीक हैं। वह समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ हमेशा खड़े रहे। द्वारकाधीश और राजा होने के बावजूद वे सुदामा के आत्मीय मित्र बने रहे। सुदामा के साथ उनकी यह अटूट मित्रता यह संदेश देती है कि सच्चे रिश्ते किसी पद, प्रतिष्ठा या धन-दौलत से नहीं, बल्कि आपसी आत्मीयता से तय होते हैं। आज के आधुनिक समाज में भी समरसता, समानता और आत्मीयता की यही भावना सबसे बड़ी आवश्यकता है।

बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के गहरे संदेश

सीएम योगी ने कहा कि असत्य और अन्याय के गहरे अंधकार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्फुटित हुआ था। उनकी बाल लीलाएं केवल मन को आनंदित करने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहन आध्यात्मिक संदेश छिपे हैं। माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता का पाठ पढ़ाती है, तो गोप-गोपियों के साथ उनकी आत्मीयता प्रेम और सामाजिक सौहार्द की सीख देती है। इसके अलावा, कालिय नाग के दमन की लीला अधर्म पर हमेशा धर्म की विजय का संदेश देती है।

​उन्होंने आगे कहा कि श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन यह बताता है कि समाज की असली शक्ति हमेशा सामूहिक सहकारिता में निहित होती है। गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण कर उन्होंने प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का बड़ा संदेश दिया था। गोवर्धन पूजा के माध्यम से उन्होंने यह भी बताया कि सामूहिक एकजुटता ही इंसान को बड़ी से बड़ी चुनौती का डटकर मुकाबला करने की शक्ति देती है।

कर्म और कर्तव्य का मार्ग हर युग के लिए प्रासंगिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने संपूर्ण मानवता को कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का शाश्वत मार्ग दिखाया है। उनका यह महान संदेश किसी एक कालखंड या युग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर दौर में समाज और व्यक्ति को सही दिशा दिखाने वाला प्रकाशपुंज है। अंत में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह पावन धरती भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके उपदेशों की साक्षी रही है। मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव आज भी हमारी सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत और मुख्य केंद्र बने हुए हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh