केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का विपक्ष पर बड़ा हमला: बोले— ‘भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस, यहाँ साजिशों से नहीं केवल चुनावों से होता है सत्ता परिवर्तन’

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नई दिल्ली: देश में सत्ता परिवर्तन के आह्वान और हालिया राजनीतिक बयानों को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर बेहद तीखा पलटवार किया है। उन्होंने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन, हिंसक घटनाओं और फ्रांस में चल रहे दंगों का हवाला देते हुए कहा कि भारत के खिलाफ भी वैसी ही हिंसक साजिशें रची गई थीं, लेकिन साजिशकर्ता यह भूल गए कि ‘भारत, न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस।’

​‘सोरोस के जरिए नहीं, सिर्फ चुनावों से संभव है सत्ता परिवर्तन’

रविवार (18 अक्टूबर 2026) को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कुछ विपक्षी नेताओं और एक्टिविस्टों के बयानों की वीडियो क्लिप साझा करते हुए एक तीखा पोस्ट लिखा। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने कहा कि भारत-विरोधी गिरोहों और कुछ राजनेताओं ने मिलकर देश के युवाओं को भड़काने और सड़कों पर हिंसा फैलाने की सुनियोजित योजना बनाई थी।

​अपने पोस्ट में अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस पर निशाना साधते हुए किरेन रिजिजू ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन वह सत्ता परिवर्तन सिर्फ और सिर्फ आम चुनावों के जरिए हो सकता है, जॉर्ज सोरोस के जरिए नहीं।”

​वीडियो क्लिप में किन बयानों का किया गया है जिक्र?

किरेन रिजिजू द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कई विवादित बयानों और विदेशी घटनाओं की फुटेज को शामिल किया गया है। इस वीडियो में बांग्लादेश की संसद पर हमले और वहां की हिंसक घटनाओं, नेपाल व श्रीलंका के प्रदर्शनों के दृश्यों को दिखाया गया है।

वीडियो में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का वह क्लिप है जिसमें वह कहते सुनाई दे रहे हैं, “हाँ, हम लोग चाहते हैं कि रिजीम चेंज हो।”

आईसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का बयान है, जिसमें वह कह रही हैं, “यह सबसे पहले बांग्लादेश में शुरू हुआ और हमें यह रास्ता दिखाने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।”

इसके अलावा, वीडियो में संसद भवन को लेकर एक समर्थक का कथित बयान और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का वह बयान भी शामिल है जिसमें उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत को कड़ी से कड़ी सजा मिलने जा रही है।

​केंद्रीय मंत्री के इस आक्रामक बयान के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh