इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का तीन दिवसीय महामंथन शुरू: शाखा विस्तार, महिला सहभागिता और युवा शक्ति पर केंद्रित रही अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक

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इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक सोमवार (2 नवंबर 2026) को मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित डेली कॉलेज परिसर के संत श्री रविदास जी महाराज सभागार में गरिमामय माहौल में शुरू हुई। संघ प्रमुख (सरसंघचालक) डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर बैठक का विधिवत शुभारंभ किया। आगामी 4 नवंबर की शाम तक चलने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, देशव्यापी संगठन विस्तार, शाखाओं को अधिक प्रभावी बनाने और भविष्य की कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।

​इस अखिल भारतीय बैठक में देशभर से लगभग 400 वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इनमें संघ के सभी छह सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों एवं 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और उनके सहयोगी शामिल हैं। इसके साथ ही संघ विचार-परिवार से प्रेरित विविध सामाजिक व वैचारिक संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।

​13 हजार से अधिक नई शाखाएं जुड़ीं; देश भर में आंकड़ा 1 लाख के पार

संघ द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देशभर में संघ की दैनिक शाखाओं की संख्या बढ़कर 1,01,151 हो गई है। पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में शताब्दी वर्ष के दौरान 13 हजार से अधिक नई दैनिक शाखाएं शुरू हुई हैं। यदि साप्ताहिक और मासिक मिलन की गतिविधियों को भी शामिल कर लिया जाए, तो संघ का प्रत्यक्ष कार्य देशभर में 1,10,849 स्थानों तक पहुंच चुका है।

​बैठक में शाखा विस्तार हेतु बनाई गई तीन वर्षीय कार्ययोजना के परिणामों का आकलन किया जाएगा। मुख्य रूप से नई शुरू हुई शाखाओं को नियमित, स्थायी और गुणात्मक रूप से प्रभावी बनाने पर बल दिया जा रहा है। जिन भौगोलिक क्षेत्रों में संघ का काम अभी सीमित है, वहां कार्य विस्तार के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी।

​65,660 हिंदू सम्मेलनों से मिले जनसमर्थन का आकलन

अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, शताब्दी वर्ष के दौरान संघ ने देश भर में 65,660 हिंदू सम्मेलनों का सफल आयोजन किया। ये सम्मेलन शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 10 गांवों को मिलाकर मंडल स्तर पर आयोजित किए गए थे। इन आयोजनों में समाज के सभी वर्गों की भारी सहभागिता देखने को मिली, जहां अनेक लोगों ने संघ की शाखाओं से जुड़ने की इच्छा जताई। बैठक में इन सम्मेलनों के अनुभवों का विश्लेषण कर जन-सहभागिता को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।

‘पंच परिवर्तन’ को सामाजिक व्यवहार में उतारने का संकल्प

​संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के दौरान समाज के समक्ष ‘पंच परिवर्तन’ के पांच प्रमुख विषयों को रखा है । सामाजिक समरसता, ​पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, ​कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्य), ​स्व का भाव (राष्ट्रीय स्वाभिमान), ​नागरिक कर्तव्य, गृह संपर्क अभियानों और सम्मेलनों के जरिए इन विचारों को जन-जन तक पहुंचाया गया है। अब संघ का ध्यान इन सिद्धांतों को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर आम नागरिकों के दैनिक जीवन व सामाजिक व्यवहार में उतारने पर रहेगा।

​महिलाओं, युवाओं और नशामुक्ति अभियान पर विशेष ध्यान

बैठक के दौरान महिलाओं और युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए नए उपक्रम शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशीली दवाओं की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। सुनील आंबेकर के अनुसार, नशे की सामाजिक बुराई से निपटने के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

​इसके अतिरिक्त, बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के हालिया विदेश प्रवास (अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन) के दौरान हुए सम्मेलनों व संवादों के अनुभवों पर भी चर्चा होगी। साथ ही, युवाओं में बढ़ती बेचैनी, न्यू मीडिया कंटेंट और देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप जैसे समसामयिक मुद्दों पर भी विमर्श किया जाएगा।

​तीन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर जारी होंगे विशेष वक्तव्य

​बैठक के दौरान सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा तीन महापुरुषों की स्मृतियों को नमन करते हुए विशेष वक्तव्य जारी किए जाएंगे:

​राजनारायण बोस: 200वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय चेतना में उनके योगदान पर।

​स्वामी श्रद्धानंद: बलिदान के 100 वर्ष पूर्ण होने पर उनके जीवन व कार्यों पर।

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती: जन्म शताब्दी के अवसर पर जनजातीय क्षेत्रों में उनके सामाजिक-धार्मिक योगदान पर।

​श्रद्धांजलि एवं विशेष शताब्दी प्रदर्शनी

बैठक के शुभारंभ पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने गत महीनों में दिवंगत हुईं देश की प्रमुख विभूतियों एवं संघ कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें नाना पाटेकर, आशा भोंसले, संत रमेश बाबा, बालकृष्णन (पूर्व अध्यक्ष, विवेकानंद केंद्र), बलवीर पुंज, एस. वेदांतम, एस. जानकी और सुमन कल्याणपुरीकर प्रमुख रहे।

उल्लेखनीय है कि बैठक स्थल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की विकास यात्रा और मालवा प्रांत में संगठन के इतिहास को प्रदर्शित करती एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसका उद्घाटन 31 अक्टूबर को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया था।

​4 नवंबर को मीडिया के सामने रखे जाएंगे निष्कर्ष

​तीन दिवसीय महामंथन के अंतिम दिन, 4 नवंबर 2026 की शाम को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले प्रेस वार्ता कर बैठक में हुई चर्चाओं, शताब्दी वर्ष की समीक्षा और संघ की आगामी प्राथमिकताओं से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेंगे।

Dr. Bhanu Pratap Singh