लखनऊ/बांदा। बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में सामने आई दिल दहला देने वाली और शर्मनाक लापरवाही की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और स्वास्थ्य महकमे पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में जब जीवित नागरिकों का ही ख्याल रखने वाला कोई नहीं है, तो फिर मृतकों के प्रति क्या अपेक्षा की जा सकती है?
क्या यूपी का स्वास्थ्य मंत्रालय ‘Sick Leave’ पर है?”
अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के दौरों पर तंज कसते हुए लिखा ”जो लोग बरेली में रैली करने आ रहे हैं, वे बगल के उस शाहजहांपुर भी चले जाएं, जहां कभी वे शिलान्यास करने गए थे और देखें कि भाजपा राज में किस तरह पूरा उत्तर प्रदेश ‘मेडिकल अराजकता’ के दौर से गुजर रहा है। क्या यूपी का स्वास्थ्य मंत्रालय ‘Sick Leave’ पर है?”
बांदा मेडिकल कॉलेज में घटी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना
स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला यह सनसनीखेज मामला बांदा जिले के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज का है। गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर खुर्द निवासी गनेश ने बताया कि बीते रविवार रात करीब 11:30 बजे उनकी गर्भवती पत्नी गुड़िया को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे 102 एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लेकर आ रहे थे, लेकिन एंबुलेंस में ही बच्चे का जन्म हो गया।
अस्पताल पहुंचने पर गुड़िया को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती कराया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. सुशील ने रात करीब 12:30 बजे परिजनों को बताया कि नवजात मृत पैदा हुआ है और शव उन्हें सौंप दिया। अत्यधिक रात हो जाने के कारण गनेश और उनकी भाभी ऊषा नवजात के शव को लेकर ओटी ब्लॉक के हॉल में रखी बेंच और फर्श पर ही लेट गए। थकान के कारण दोनों की आंख लग गई।
50 मीटर दूर मिले अवशेष, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
रात करीब 3 बजे जब गनेश की नींद खुली, तो उन्होंने देखा कि नवजात का शव गायब था। परिजनों ने आनन-फानन में तलाश शुरू की, तो हॉल से करीब 50 मीटर दूर कॉरिडोर में नवजात के दोनों हाथ और दोनों पैर पड़े मिले, जबकि सिर और धड़ का कोई पता नहीं चला। अस्पताल परिसर में घूम रहे आवारा कुत्ते मृत मासूम के शव को उठाकर नोंच-नोंचकर ले गए थे। यह पूरी वीभत्स घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
सुबह करीब 7 बजे पीड़ित पिता गनेश ने भारी मन से मासूम के अवशेषों को केन नदी में प्रवाहित कर दिया।
तीन गार्डों की सेवा समाप्ति की सिफारिश, विभागाध्यक्ष से स्पष्टीकरण
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राचार्य ने सुरक्षा में गंभीर चूक मानते हुए ड्यूटी पर तैनात तीन सुरक्षा गार्डों की सेवा समाप्त करने के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र लिखा है। इसके साथ ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने पीड़ित परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। बांदा शहर कोतवाल बलराम सिंह के अनुसार, परिजनों द्वारा अभी तक लिखित तहरीर नहीं दी गई है, किंतु मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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